अब सफर होगा सुपरफास्ट… 61KM रेल लाइन और 300 करोड़ रुपए का बजट, चोला स्टेशन बनेगा बड़ा हब

उत्तर प्रदेश समाचार: ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के खुलने के बाद यात्रियों को तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने वाली है। एयरपोर्ट से निकलते ही लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए आसान और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. इसके लिए चोला रेलवे स्टेशन को विकसित कर एक बड़े मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है, जिससे एक ही स्थान पर परिवहन के विभिन्न साधन उपलब्ध होंगे।
चोला स्टेशन बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनेगा
योजना के तहत, चोल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा और इसे देश के प्रमुख रेलवे नेटवर्क, खासकर दिल्ली-मुंबई मार्ग से जोड़ा जाएगा। इससे यात्री सीधे तौर पर हाई स्पीड ट्रेनों और वंदे भारत जैसी ट्रेनों का लाभ उठा सकेंगे. अधिकारियों का मानना है कि इससे पूरे इलाके की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा और यात्रियों का समय भी बचेगा.
कई शहरों को सीधा लाभ मिलेगा
चोला रेलवे स्टेशन और जेवर एयरपोर्ट के बीच की दूरी करीब 19 किलोमीटर है, जिसे तय करने में फिलहाल करीब एक घंटा लगता है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ, टप्पल, मथुरा, वृन्दावन, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और हापुड जैसे इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा. इसके साथ ही दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ जैसे शहरों की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो जाएगी.
बस, मेट्रो और रेल सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी
यमुना अथॉरिटी की योजना के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास एक बड़ा ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर बनाया जाएगा. यहां बस, टैक्सी, मेट्रो और रेलवे सेवाएं एक ही जगह से संचालित होंगी. इससे यात्रियों को अलग-अलग साधनों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.
300 करोड़ रुपए का बजट, 61 किमी नई रेलवे लाइन
यमुना अथॉरिटी के सीईओ राकेश कुमार के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है और इसे मंजूरी भी मिल गई है. इसके तहत चोला से रबूपुरा के बीच करीब 61 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी. इससे मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों का परिवहन भी आसान हो जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास, 3 साल का लक्ष्य
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 2400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और इसे चरणबद्ध तरीके से तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। भविष्य में जेवर क्षेत्र में एक नया रेलवे स्टेशन भी बनाया जाएगा। इस योजना के पूरा होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक और बेहतर कनेक्टिविटी वाले हवाई अड्डों में शामिल हो जाएगा।
