देहरादून: जामुनवाला डकैती कांड; सवालों में घिरी है युवक के अपहरण की कहानी

जामुनवाला क्षेत्र में एक युवक के कथित अपहरण और लूट की कहानी अब सवालों के घेरे में आ गई है। युवक खुद स्कूटर के पीछे बैठा नजर आ रहा है. इससे सवाल उठ रहा है कि अगर उसका अपहरण करना होता तो उसे स्कूटी पर पीछे क्यों बैठाया जाता। ऊपर से जिस पुल से उसे नीचे फेंकने का आरोप है, वहां स्कूटर एक घंटे तक खड़ा रहा. पुलिस जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज और घटना स्थल से जुड़े तथ्यों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है.

प्रेमनगर थाना क्षेत्र निवासी युवक आकाश के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि कुछ युवकों ने उसके बेटे का अपहरण कर लिया, उसके साथ लूटपाट की और बाद में उसे जामुनवाला पुल के नीचे फेंक दिया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस की चार टीमें मामले की जांच कर रही हैं और हर पहलू पर जांच की जा रही है.

जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने कहानी में नया मोड़ दे दिया. फुटेज में आकाश खुद स्कूटर पर पीछे बैठा दिख रहा है। स्कूटर पर कुल तीन युवक सवार थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवक किसी दबाव या दबाव में नहीं लग रहा है, जिससे अपहरण की कहानी पर संदेह हो रहा है।

उत्तराखंड: ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायत गुमनाम रूप से दर्ज की जा सकेगी, साइबर क्राइम पोर्टल पर विकल्प खुला

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यूपी में कैबिनेट विस्तार से पहले महासंग्राम…बृजभूषण सिंह ने कविता से योगी सरकार पर साधा निशाना? बोले- जिस डाल पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. इस बीच बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट अचानक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक शायरी पोस्ट करते हुए इस पोस्ट के सामने आने के बाद यूपी की राजनीति में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं.

क्या कैबिनेट विस्तार से नाराज हैं बृजभूषण?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पोस्ट योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर नाराजगी का संकेत हो सकता है. माना जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने बेटे प्रतीक सिंह को कैबिनेट में जगह दिलाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि उन्होंने इस बारे में खुलकर कभी कोई बयान नहीं दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चाएं काफी समय से चल रही थीं. सूत्रों की मानें तो यह बात सामने आ रही है कि इस बार कैबिनेट विस्तार में जिन नामों की चर्चा चल रही है उनमें कोई भी ठाकुर चेहरा शामिल नहीं होगा. इस कारण उनकी पोस्ट को ठाकुर समुदाय की नाराजगी से भी जोड़ा जा रहा है.

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर बीजेपी का फोकस
बताया जा रहा है कि बीजेपी इस बार कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी का फोकस ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मिकी, लोधी और अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर है. सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में कुल आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं. इनमें छह नए चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि दो राज्य मंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह की इस पोस्ट को अब सिर्फ एक कविता नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है. हालांकि, इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. इस समय यूपी में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं और बृजभूषण का ये पोस्ट उस बहस को और हवा देता नजर आ रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सामाजिक समीकरण साधने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है.

अश्वनी तिवारी

अश्वनी तिवारी एक भारतीय पत्रकार, सामग्री लेखक, एंकर और मीडिया पेशेवर हैं। वह डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, सामग्री लेखन और समाचार उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने ज़ी न्यूज़, सुमन टीवी और यूपी न्यूज़ नेटवर्क जैसे मीडिया संगठनों के साथ काम किया है। उन्हें राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री प्राप्त की और बाद में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एमजेएमसी) पूरा किया। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक इंडिया वॉच, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर काम किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक जी न्यूज, नोएडा में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप की। इस दौरान वह न्यूज स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने सुमन टीवी, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में काम किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार और डिजिटल सामग्री बनाई। वर्तमान में यूपी न्यूज नेटवर्क में सब एडिटर के तौर पर जुड़े हुए हैं, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इस दौरान वह ‘खारी खोती’ नाम के एक खास शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग और वीडियो प्रेजेंटेशन किया. वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और समाचार उत्पादन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित समाचार प्रस्तुति में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है।



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मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नौकरी और लोन धोखाधड़ी करने वाले दो अपराधी गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

मुजफ्फरनगर साइबर अपराध के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने नौकरी और लोन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कई राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी की है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर अलग-अलग राज्यों से कई शिकायतें दर्ज थीं. साइबर थाने की टीम ने तकनीकी जांच और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया.


प्रतिभा पोर्टल से मिला सुराग, मोबाइल नंबरों के जरिए ठगी के नेटवर्क का खुलासा

मामले का खुलासा भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल “प्रतिबिम्ब” से हुआ। जांच के दौरान मुजफ्फरनगर जिले से संबंधित कुछ मोबाइल नंबर और आईएमईआई संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय पाए गए।

साइबर क्राइम पुलिस ने जब इन नंबरों और मोबाइल उपकरणों की गहनता से जांच की तो पता चला कि इन नंबरों के जरिए भोले-भाले लोगों को नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर कॉल की जाती थी. आरोपी प्रोसेसिंग फीस, वेरिफिकेशन चार्ज और डॉक्यूमेंट अप्रूवल के नाम पर लोगों को फंसाकर पैसे जमा कराते थे।

पुलिस के मुताबिक जालसाज बेहद पेशेवर तरीके से लोगों को विश्वास में लेते थे और खुद को बैंक कर्मचारी, फाइनेंस एजेंट या निजी कंपनियों के प्रतिनिधि बताकर उनसे बात करते थे.


कई राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज की गईं

जब साइबर पुलिस स्टेशन की टीम तकनीकी डेटा और मोबाइल नंबरों की जांच करने के लिए आगे बढ़ी, तो यह पता चला कि इन नंबरों से संबंधित कुल 16 साइबर अपराध की शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज की गई थीं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने कई लोगों से बड़ी रकम की ठगी की है और अन्य शिकायतों की जांच अभी जारी है. शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के बाहर भी फैला हुआ है.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि हाल के वर्षों में नौकरी धोखाधड़ी और तत्काल ऋण धोखाधड़ी तेजी से बढ़ी है, जहां बेरोजगारी और वित्तीय जरूरतों का फायदा उठाकर लोगों को ऑनलाइन फंसाया जाता है।


दो आरोपी गिरफ्तार, कई नामों से करते थे पहचान छिपाने की कोशिश

पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाह आलम उर्फ राजीव शर्मा उर्फ ​​प्रदीप निवासी खतौली एवं संगीत कुमार उर्फ राहुल चौधरी उर्फ ​​मनोज निवासी हापुड हाल निवासी मेरठ।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस और पीड़ितों को भ्रमित करने के लिए कई फर्जी नामों और पहचानों का इस्तेमाल किया। पूछताछ में उसके कई अन्य साथियों के नाम भी सामने आये हैं.


दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, पुलिस तलाश कर रही है

मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की पहचान शोएब और फुरकान के रूप में की गई है। पुलिस के मुताबिक, शोएब मेरठ के कंकरखेड़ा इलाके का रहने वाला है, जबकि फुरकान दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है.

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साइबर क्राइम पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज के निर्देशन में की गई. वहीं संजय कुमार वर्मामुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.

एक्शन में पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थक्षेत्राधिकारी क्राइम रवीन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह की विशेष भूमिका रही।

गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, सब इंस्पेक्टर गौरव चौहान, मुबारिक हसन, हेड कांस्टेबल आकाश चौधरी, बालकिशन, सुनील कुमार और विपिन कुमार शामिल रहे।


कैसे किया गया साइबर फ्रॉड? पुलिस ने बताई पूरी प्रक्रिया

जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापन और मोबाइल कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। बेरोजगार युवाओं और ऋण की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाया गया।

उन्हें आकर्षक नौकरी की पेशकश, कम ब्याज वाले ऋण और तुरंत मंजूरी का लालच दिया गया था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस या फाइल चार्ज के नाम पर रकम ट्रांसफर की जाती थी. पैसे मिलते ही आरोपी नंबर बंद कर देता था या संपर्क खत्म कर देता था।


पुलिस ने साइबर क्राइम से बचने की अपील की

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, ऑनलाइन लोन ऑफर या नौकरी के विज्ञापन पर आंख मूंदकर भरोसा न करें.

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी कंपनी या बैंक के नाम पर पैसे मांगने वालों को पहले पूरी जांच करनी चाहिए। अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए डिजिटल सतर्कता अब बेहद जरूरी हो गई है।


उत्तर प्रदेश में साइबर क्राइम पर बढ़ी सख्ती

राज्य सरकार और पुलिस विभाग साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रही है. आधुनिक तकनीक, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और केंद्रीय पोर्टल की मदद से ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है.

मुजफ्फरनगर साइबर पुलिस स्टेशन की यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसने कई राज्यों में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.


मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर साबित हो गया है कि ऑनलाइन नौकरी और लोन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह अब बेहद संगठित तरीके से काम कर रहे हैं. हालांकि तकनीकी जांच और पुलिस की सतर्क कार्रवाई से ऐसे अपराधियों तक पहुंचना संभव हो रहा है. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन ऑफर या फोन कॉल पर तुरंत भरोसा न करें और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सतर्क रहें.

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उत्तराखंड: स्ट्रीट लाइट का खर्च उपभोक्ताओं से वसूलने की तैयारी, हर बिल में जोड़ा जाएगा सरचार्ज

अब आपके शहर की स्ट्रीट लाइट का बिजली बिल आपसे वसूला जाएगा। नगर विकास विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इसे जल्द ही मुख्य सचिव के समक्ष रखा जाएगा।

हालिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी समेत कई जिलों के नगर निकायों पर यूपीसीएल का करोड़ों रुपये का बिल बकाया है. यदि यूपीसीएल इन पर कार्रवाई करता है तो जनता की सुविधा का मामला होने के कारण कनेक्शन नहीं काट सकता। जिससे बकाया बढ़ता जा रहा है। दूसरी समस्या इन स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की है। इससे निकायों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है।

इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए नगर विकास विभाग ने हर उपभोक्ता के बिजली बिल से स्ट्रीट लाइट सरचार्ज वसूलने की तैयारी की है. विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इसे हर बिजली बिल में शामिल किया जाएगा। जब उपभोक्ता इसका भुगतान कर देगा तो पैसा यूपीसीएल तक पहुंच जाएगा। यूपीसीएल इसे शहरी विकास विभाग या संबंधित निकायों को उपलब्ध कराएगा।

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यूपी में योगी का मिशन 2027… कैबिनेट विस्तार में 8 मंत्रियों ने ली शपथ, बीजेपी ने ब्राह्मण-ओबीसी और दलित कार्ड खेलकर विरोधियों को हराया

उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. लंबे समय से चर्चा में चल रहा कैबिनेट विस्तार आखिरकार खत्म हो गया. लखनऊ के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आठ नेताओं को पद की शपथ दिलाई. इस विस्तार को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बड़ी राजनीतिक रणनीति माना जा रहा है. खास बात यह है कि नए मंत्रियों में जातीय और सामाजिक संतुलन का खास ख्याल रखा गया है. बीजेपी ने ब्राह्मण, ओबीसी और दलित समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है.

इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भूपेन्द्र चौधरी, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, मनोज पांडे, कैलाश राजपूत और सुरेंद्र दिलेर को नये मंत्री पद की शपथ दिलायी. इनके अलावा सोमेंद्र तोमर और अजित सिंह पाल ने भी शपथ ली। दोनों नेताओं को प्रमोशन मिला है और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट में शामिल नए चेहरों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित समुदाय के नेता शामिल हैं. इससे साफ पता चलता है कि बीजेपी आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरण को मजबूत करने में जुटी है.

योगी और राज्यपाल की मुलाकात के बाद चर्चा तेज हो गई है
शपथ ग्रहण समारोह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बीच मुलाकात के एक दिन बाद आयोजित किया गया। इसके बाद से ही कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई थीं. इन चर्चाओं पर आखिरकार रविवार को मुहर लग गई. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना ​​है कि बीजेपी ने इस विस्तार के जरिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों को लुभाने की कोशिश की है. खासकर पश्चिमी यूपी, बुंदेलखण्ड और पूर्वाचल के नेताओं को शामिल कर संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है.

बीजेपी की नजर 2027 के चुनाव पर है
योगी सरकार के इस कैबिनेट विस्तार को न सिर्फ प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है. बीजेपी पहले से ही राज्य में अपना सामाजिक आधार और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. फिलहाल नए मंत्रियों के विभागों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभागों का भी बंटवारा हो जाएगा.

अश्वनी तिवारी

अश्वनी तिवारी एक भारतीय पत्रकार, सामग्री लेखक, एंकर और मीडिया पेशेवर हैं। वह डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, सामग्री लेखन और समाचार उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने ज़ी न्यूज़, सुमन टीवी और यूपी न्यूज़ नेटवर्क जैसे मीडिया संगठनों के साथ काम किया है। उन्हें राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री प्राप्त की और बाद में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एमजेएमसी) पूरा किया। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक इंडिया वॉच, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर काम किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक जी न्यूज, नोएडा में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप की। इस दौरान वह न्यूज स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने सुमन टीवी, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में काम किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार और डिजिटल सामग्री बनाई। वर्तमान में यूपी न्यूज नेटवर्क में सब एडिटर के तौर पर जुड़े हुए हैं, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इस दौरान वह ‘खारी खोती’ नाम के एक खास शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग और वीडियो प्रेजेंटेशन किया. वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और समाचार उत्पादन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित समाचार प्रस्तुति में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है।



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मुजफ्फरनगर में भाई ही निकला भाई का हत्यारा: शराब, संपत्ति विवाद और घरेलू तनाव के बीच दीपक हत्याकांड का खुलासा

मुजफ्फरनगर पुलिस ने चरथावल क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. चौंकाने वाली बात जो सामने आई वह यह कि मृतक का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका छोटा भाई ही निकला. पुलिस जांच में पता चला कि घरेलू विवाद, शराब की लत और पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे तनाव ने इस रिश्ते को खून के रिश्ते से दुश्मनी में बदल दिया.

थाना चरथावल पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से व उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा व एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा मामला बेहद संवेदनशील था और पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल जांच के जरिए इस हत्या की गुत्थी सुलझाई.


रजवाहे में मिला युवक का शव, हाथ पर लिखा था ‘दीपक’

घटना की शुरुआत 29 अप्रैल को हुई, जब थाना चरथावल पुलिस को बिरालसी रजवाहे के पास एक अज्ञात शव पड़े होने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शव के हाथ पर दीपक नाम लिखा हुआ है, जिसके आधार पर पहचान के प्रयास शुरू किए गए। लगातार जांच और पूछताछ के बाद हुई मृतक की पहचान दीपक पुत्र रामपाल निवासी रुकनपुर, थाना कोतवाली नगर, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई।

मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया.


सीसीटीवी और तकनीकी जांच में हत्या की परतें खुलीं

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने घटना स्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की. इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्य जुटाकर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की.

जांच में पता चला कि मृतक दीपक उसका छोटा भाई था। सचिन ग्राम पीनना व दधेडू होते हुए बिरालसी पहुंचे। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि दीपक उस वक्त शराब के नशे में था.

इस स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी सचिन उसे रजवाहे के पास खेतों में ले गया और उसके चेहरे पर ईंट के टुकड़े से हमला करके उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हमला इतना जबरदस्त था कि दीपक की मौके पर ही मौत हो गई.


आरोपी को घीसूखेड़ा झाल पुल के पास से गिरफ्तार किया गया

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी इलाके में मौजूद है. इसके बाद चरथावल थाना पुलिस ने आरोपी सचिन को घीसूखेड़ा झाल पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.


मृतक अपनी पत्नी को परेशान करता था, संपत्ति बेचने का दबाव बना रहा था

पूछताछ के दौरान आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई दीपक अक्सर शराब के नशे में घर आता था और अपनी पत्नी को परेशान करता था. आरोपी के मुताबिक दीपक उस पर अपनी पैतृक संपत्ति बेचने का भी दबाव बना रहा था, जिससे परिवार में लगातार तनाव रहता था.

सचिन ने पुलिस को बताया कि लंबे समय से चल रहे विवाद और मानसिक दबाव के कारण उसने अपने बड़े भाई की हत्या की योजना बनाई और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया.

हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.


वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज के निर्देशन में की गई. वहीं संजय कुमार वर्मावरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा किया।

एक्शन में नगर पुलिस अधीक्षक अमृत ​​जैनक्षेत्राधिकारी सदर डा. रविशंकर एवं चरथावल थाना प्रभारी निरीक्षक मो सत्यनारायण दहिया विशेष भूमिका थी.

गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक नंद किशोर शर्मा, कांस्टेबल राहुल गिरी और तेजेंद्र धामा शामिल थे।


घरेलू विवाद और नशे की समस्या अपराध का बड़ा कारण बन रही है।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि घरेलू विवाद, शराब की लत और संपत्ति को लेकर बढ़ता तनाव कभी-कभी गंभीर आपराधिक घटनाओं का कारण बन जाता है। परिवारों में संवाद की कमी और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव रिश्तों को हिंसक मोड़ पर ले जाता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाने और नशे की समस्या पर काबू पाने के लिए सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है.


मुजफ्फरनगर में हत्या का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है

यह मामला चरथावल क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक भाई ही भाई का दुश्मन बन जाएगा.

इस घटना ने क्षेत्र में रिश्तों में बढ़ती दूरियों और घरेलू तनाव को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।


मुज़फ़्फ़रनगर के चरथावल इलाके में हुआ यह हत्याकांड न सिर्फ एक आपराधिक घटना है बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों और बढ़ते तनाव की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है. पुलिस की गहन जांच और तकनीकी जांच से मामले का खुलासा हो गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि घरेलू विवाद और नशे की समस्या कैसे रिश्तों को हिंसा में बदल सकती है.

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देहरादून: लच्छीवाला टोल प्लाजा पर वीकेंड पर उमड़ी भीड़, लंबा जाम, यात्री परेशान

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 10 मई 2026 12:42 अपराह्न IST

देहरादून समाचार लच्छीवाला टोल प्लाजा पर सप्ताहांत लंबा ट्रैफिक जाम, भीड़ उमड़ी

लच्छीवाला में जाम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



चारधाम यात्रा सीजन और वीकेंड के चलते इन दिनों बड़ी संख्या में तीर्थयात्री देहरादून पहुंच रहे हैं। हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में भारी भीड़ उमड़ रही है. ऐसे में रविवार को लच्छीवाला टोल प्लाजा पर जाम लग गया। कई घंटों तक जाम रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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मदर्स डे पर अमर पब्लिक स्कूल में रंगारंग कार्यक्रम, बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता सबका दिल

मदर्स डे के अवसर पर शनिवार, 9 मई 2026 को शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थान अमर पब्लिक स्कूल में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी माँ के प्रति अपने प्यार, सम्मान और भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती आशा पांडे उपस्थित रहीं। विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी माताओं का हार्दिक स्वागत किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्कूल में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया. बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने अभिभावकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम में छोटे बच्चों से लेकर सीनियर क्लास के विद्यार्थियों तक सभी की भागीदारी ने मदर्स डे को खास बना दिया.

बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती आशा पांडे ने कहा कि बच्चों के जीवन में मां सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि एक मां अपने बच्चों का हर परिस्थिति में साथ निभाती है और उन्हें सही रास्ता दिखाती है. इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन 12वीं कक्षा की छात्रा नेहा ने किया। कक्षा 4, 5, 6, 8 और 9 के विद्यार्थियों ने ‘तेरी उंगली पकड़ के चला’ गीत पर सुंदर प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति में हनु गुप्ता, आकृति मौर्य, आयलिन शर्मा, भावेश, विशेष पांडे, आकाश पटेल, सिद्धार्थ, आराध्या, अभ्युदय और काव्या ने भाग लिया। कक्षा 8 की छात्रा अंशी तिवारी ने मदर्स डे पर प्रभावशाली भाषण देकर श्रोताओं को भावुक कर दिया।

छोटे-छोटे बच्चों ने दिखाई अद्भुत प्रतिभा
नर्सरी एवं एलकेजी के बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान विराज पांडे, प्रगति, सुनैना, आर्यन, दिव्या, मन्नत, भूमि, श्रुति, शिवांश, मोहम्मद अरहान और सुनेक्षा समेत कई बच्चों ने हिस्सा लिया। यूकेजी के विद्यार्थियों ने जन्म-जन्मा मेरी मां गीत पर मनमोहक प्रस्तुति दी। कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों ने “इतनी सी हंसी” गाने पर शानदार डांस कर सभी का दिल जीत लिया।

माताओं के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये
कार्यक्रम के दौरान माताओं के मनोरंजन के लिए मनोरंजक खेल एवं राउंड गेम्स का भी आयोजन किया गया, जिसमें माताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी ने केक काटकर माताओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भगवान हर जगह मौजूद नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां को बनाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत शिक्षक संजय गुप्ता, कला शिक्षिका श्रद्धा तिवारी एवं शिक्षिका मधु, करिश्मा, जागृति, आशा एवं सविता का विशेष योगदान रहा। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को धन्यवाद दिया।

(रिपोर्ट:अनूप कुमार अयोध्या)

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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा: फेल छात्रों के लिए पास होने का मौका, 24 मई तक करें आवेदन – उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 फेल छात्रों के लिए पास होने का मौका, 24 मई तक करें आवेदन

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

द्वारा प्रकाशित: अलका त्यागी

अद्यतन रविवार, 10 मई 2026 12:58 अपराह्न IST

परिणाम सुधार परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 मई, 2026 से शुरू हो गई है और 24 मई, 2026 तक जारी रहेगी।


उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में फेल छात्रों के लिए पास होने का मौका, 24 मई तक करें आवेदन

– फोटो: freepik.com



विस्तार

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में फेल हुए छात्रों के लिए पास होने का यह एक और महत्वपूर्ण मौका है। वे परिणाम सुधार परीक्षा के लिए 24 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह मौका उन छात्रों को दिया जा रहा है जो कुछ विषयों में फेल हो गए हैं या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं।

उत्तराखंड बोर्ड सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने कहा कि परिणाम सुधार परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 मई, 2026 से शुरू हो गई है और 24 मई, 2026 तक जारी रहेगी। छात्र अपने आवेदन पत्र 20 मई 2026 तक जमा कर सकते हैं। स्कूलों को ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए 24 मई 2026 तक का समय दिया गया है।

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किये जायेंगे। यह पहल उन छात्रों के लिए है जो अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं और बेहतर परिणाम हासिल करना चाहते हैं। इससे उन्हें भविष्य में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

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यश म्यूजिकल ट्रस्ट की सांस्कृतिक कार्यशाला में बच्चों ने सीखे लोक संगीत और लोक नृत्य के रंग

यश म्यूजिकल ट्रस्ट ग्रुप द्वारा पृथ्वीराज चौहान इंटर कॉलेज, मसौधा, अयोध्या में एक दिवसीय पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों को लोक संगीत और लोक नृत्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया गया. कार्यशाला में इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और विभिन्न पारंपरिक गीतों और लोक नृत्यों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से सांस्कृतिक रंग में रंगा हुआ था. बच्चों ने न सिर्फ लोक कला की बारीकियां सीखीं बल्कि मंच पर अपनी प्रतिभा भी पेश की। इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना था, जिसे सभी ने खूब सराहा।

कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से हुई
कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकृपाल चौहान एवं संस्था अध्यक्ष संगीता आहूजा ने संयुक्त रूप से किया. इसके बाद संस्था की ओर से प्रधानाचार्य को श्री राम जी का प्रतीक चिह्न व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य राम कृपाल चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था द्वारा बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं परंपरा से जोड़ने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक समझ भी मजबूत होती है।

लोकगीतों एवं लोकनृत्यों के बारे में जानकारी दी गई
कार्यशाला में अवध क्षेत्र के पारंपरिक लोक संगीत और लोक नृत्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान सोहर, कजरी, झूला, बन्ना-बन्नी, विवाह गीत, सुहाग गीत, किसान गीत, मजदूर गीत और गारी जैसे कई पारंपरिक गीत प्रस्तुत किये गये. इसके साथ ही बच्चों को बधावा लोक नृत्य, फरवाही लोक नृत्य, कहरूवा लोक नृत्य, जोगनी लोक नृत्य और धोबिया लोक नृत्य की भी जानकारी दी गई। मंच पर बधावा लोकनृत्य की विशेष प्रस्तुतियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें सभी ने खूब सराहा।

बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया
संस्था की अध्यक्ष संगीता आहूजा ने बच्चों को संगीत और नृत्य की बारीकियां समझाईं। वर्कशॉप में बच्चों ने कई नई कलाएं सीखीं और उन्हें मंच पर प्रस्तुत भी किया. कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर संगीता आहूजा, सुमिष्ठा मित्रा, तोषी तिवारी, देव मित्रा, यश कुमार, लक्ष्मी विश्वकर्मा, बिंदु निषाद, दिलीप, उन्नति मित्रा और संतोष कुमार समेत कई कलाकार मौजूद थे. विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य रामकृपाल चौहान, प्रोफेसर विजय सिंह, शिक्षिका प्रज्ञा चौहान, राजकुमारी व कंचन वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।

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