अमेठी में वोटर लिस्ट से हटाए गए 200 से ज्यादा नाम, ग्रामीणों ने तहसील में किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. भेंटुआ विकास खंड के मई गांव के सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को अमेठी तहसील पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी सूचना के उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया, जिससे वे मतदान के अधिकार से वंचित हो गये हैं. नाराज लोगों ने संपूर्ण समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप, बिना सूचना के हटा दिये गये नाम
ग्रामीणों का कहना है कि 200 से अधिक लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये हैं. अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में आक्रोश का माहौल है. लोगों का आरोप है कि उन्हें न तो पहले से कोई सूचना दी गयी और न ही कारण बताया गया. इससे वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
बीएलओ पर लगे गंभीर आरोप
इस मामले में गांव के लोगों ने संबंधित बीएलओ ठाकुर प्रसाद पाल पर गंभीर आरोप लगाये हैं. 19 साल की प्रिया तिवारी ने कहा, “हमारा वोट देने का अधिकार हमसे छीना जा रहा है। बीएलओ ने गांव के दो सौ से ज्यादा लोगों के नाम काट दिए हैं।” पूनम तिवारी ने बताया कि बीएलओ उनके घर आया था और आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज ले गया था, फिर भी उनका नाम सूची से हटा दिया गया.
प्रधान प्रत्याशी ने भी उठाए सवाल
मई ग्राम प्रधान प्रत्याशी हिमांशु गुप्ता ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ पहले से ही नाम काटने की बात कर रहे थे और अब सैकड़ों लोगों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं. इससे गांव के लोगों में काफी नाराजगी है.
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर उप जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच खंड विकास अधिकारी आकांक्षा सिंह को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.
