अयोध्या में अलविदा की नमाज के बीच शोक का माहौल, सादगी से मनाई जाएगी ईद

इस बार अयोध्या में रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज के दौरान गमगीन माहौल देखने को मिला. राम नगरी में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने के लिए जुटे. अयोध्या इमामबाड़े में भी अलविदा की नमाज अदा की गई, जहां लोगों ने देश और दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी. हालांकि, इस बार आम त्योहारों जैसा माहौल नहीं था, क्योंकि शिया समुदाय के धार्मिक नेता के निधन से मुस्लिम समाज में शोक का माहौल है.
शिया धर्मगुरु के निधन पर समाज में शोक की लहर
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि शिया धर्मगुरु अली खामेनेई के निधन की खबर से समुदाय में गहरा दुख है. इसी वजह से इस बार ईद का त्योहार सादगी से मनाने का फैसला लिया गया है. समाज के लोगों ने कहा कि ईद के दिन नमाज अदा की जाएगी और जरूरतमंद लोगों को जकात दी जाएगी, लेकिन कोई भव्य समारोह या बड़े आयोजन नहीं किए जाएंगे.
नमाज के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नाराजगी जताई
विदाई प्रार्थना के बाद कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की. इस दौरान एक पोस्टर फाड़ने और उसे पैरों से कुचलने की घटना सामने आई। अमेरिका और इजराइल के खिलाफ भी नारे लगाए गए. हालांकि मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने अपील करते हुए कहा कि दुनिया को लड़ाई-झगड़े से दूर रहना चाहिए और सभी को शांति और भाईचारे का रास्ता अपनाना चाहिए.
शहर में 69 स्थानों पर अलविदा की नमाज अदा की गई
अलविदा नमाज को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया. शहर भर में कुल 69 स्थानों पर नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान सुरक्षा कड़ी करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा शहर में पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
प्रशासन की कड़ी निगरानी में नमाज हुई
श्रेयस त्रिपाठी ने कहा कि अलविदा की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए शहर भर में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. प्रशासन की देखरेख में सभी जगहों पर शांतिपूर्वक नमाज संपन्न हुई. इस वक्त अयोध्या में ईद की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन शिया समुदाय में शोक के चलते इस बार यह त्योहार सादगी से मनाए जाने की बात कही जा रही है.
