अयोध्या में 1.21 लाख धान के बीजों से सजाया गया राम परिवार, अनूठी कला का नमूना बना भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र

रामनवमी से पहले रामनगरी अयोध्या में भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर देश भर से श्रद्धालु भगवान श्री राम के दर्शन के लिए आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक अनोखी कलाकृति लोगों का ध्यान खींच रही है. इस खास काम में भगवान श्री राम के पूरे परिवार को 1.21 लाख धान के बीजों से सजाया गया है. यह कलाकृति न सिर्फ देखने में खूबसूरत है, बल्कि इसमें कलाकार की महीनों की मेहनत और गहरी निष्ठा भी साफ नजर आती है।
धान के बीज से तैयार हुआ ग्रैंड राम परिवार
इस अनोखी कलाकृति को ओडिशा के नबरंगपुर जिले के कलाकार लक्ष्मी नारायण बख्शी और उनकी टीम ने बनाया है। इसमें भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और भक्त हनुमान का बहुत ही सुंदर और सूक्ष्म चित्रण किया गया है। धान के छोटे-छोटे बीजों को इस तरह से सजाया और रोपा गया है कि पूरा राम दरबार जीवंत नजर आ रहा है.
7 महीने की मेहनत और टीम का योगदान
इस कलाकृति को बनाने में लगभग सात महीने का समय लगा। हर बीज बहुत सावधानी से बोया गया है. कलाकार के साथ-साथ पंकज कुमार सराबू, हारा प्रसाद सराबू और ललिता सराबू ने भी अहम भूमिका निभाई है. पूरी टीम ओडिशा के कोसागुमुडा ब्लॉक के लिम्बाभट्टा क्षेत्र से आती है और पारंपरिक धान शिल्प कला को आगे बढ़ा रही है।
रामकथा संग्रहालय में उमड़ी भीड़
इस विशेष कृति को अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु इसे देखकर भावुक हो रहे हैं और इसकी खूब सराहना कर रहे हैं. रामनवमी के मौके पर यह कलाकृति खास आकर्षण का केंद्र बनी रहती है.
सुरक्षा के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल
संग्रहालय प्रबंधक संजीव कुमार सिंह के मुताबिक इस उत्कृष्ट कृति को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए ओडिशा से विशेष रासायनिक उपचार तकनीक मंगाई गई है। इससे धान के बीज खराब नहीं होंगे और कलाकृति लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी.
भक्ति और कला का अनोखा संगम
यह कलाकृति सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। रामनवमी के इस पावन अवसर पर यह कार्य अयोध्या के आध्यात्मिक माहौल को और भी विशेष बना रहा है और लोगों के दिलों में आस्था को और मजबूत कर रहा है।
(रिपोर्ट:अनूप कुमार, अयोध्या)
