इलाहाबाद हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव…जस्टिस अतुल श्रीधरन को मिली अहम भूमिका

इलाहाबाद उच्च न्यायालय: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में बेंचों का नया रोस्टर जारी किया है, जिससे प्रशासनिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई है. इस नए रोस्टर के तहत अब जस्टिस अतुल श्रीधरन को सिविल मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है. ये बदलाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में उन्होंने कुछ अहम मामलों पर सख्त रुख अपनाया था. अब उनकी नई भूमिका को लेकर वकीलों और अधिकारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है.
पारिवारिक एवं वरिष्ठ नागरिक मामलों की सुनवाई करेंगे
नए रोस्टर के मुताबिक, जस्टिस अतुल श्रीधरन अब जस्टिस विवेक सरन के साथ मिलकर काम करेंगे। दोनों जज मिलकर फैमिली कोर्ट अपील और सीनियर सिटीजन एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे. पहले वह अलग-अलग तरह के मामले देख रहे थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी बदल दी गई है.
बरेली मामले में सख्ती से चर्चा में आए
जस्टिस अतुल श्रीधरन पहले भी अपने फैसलों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं. बरेली से जुड़े एक मामले में उन्होंने जस्टिस सिद्धार्थ नंदन के साथ मिलकर प्रशासन पर सख्त रुख अपनाया था. कोर्ट ने मुस्लिम युवक हसीन खान को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था. साथ ही तत्कालीन डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य को कोर्ट में तलब किया था.
कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी थी
इस मामले में कोर्ट ने कंप्लेंट नोटिस जारी करते हुए साफ कहा था कि किसी को उसकी निजी संपत्ति पर नमाज पढ़ने से रोकना कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. कोर्ट ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मामला जनवरी 2026 से चल रहा था
यह मामला जनवरी 2026 से चल रहा था, जब मोहम्मदगंज गांव में एक निजी घर में नमाज रोकने का आरोप सामने आया था. कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को सुरक्षा का आदेश दिया था और 23 मार्च को डीएम और एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था.
मध्य प्रदेश से ट्रांसफर हुआ था
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन मूल रूप से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। अक्टूबर 2025 में उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया गया था. अब नए रोस्टर के तहत उन्हें सिविल मामलों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे भविष्य में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं.
