उत्तराखंड: प्रतिनियुक्ति मामले में आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग को कैट से राहत, सरकार से मांगा जवाब – उत्तराखंड आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग को प्रतिनियुक्ति मामले में कैट से राहत
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से राहत मिल गई है। कैट ने उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है. पिछले मंगलवार को लिए गए इस फैसले में कैट ने सरकार से चार हफ्ते के भीतर जवाब भी मांगा है. इस मामले में अगली सुनवाई 7 मई को होनी है.
दोनों वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल आईजी रैंक पर हैं. केंद्र सरकार ने 5 मार्च को दोनों अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के आदेश जारी किए थे. इनमें आईजी नीरू गर्ग को आईटीबीपी और अरुण मोहन जोशी को बीएसएफ में डीआईजी के पद पर तैनात करने का फैसला लिया गया. अगले ही दिन राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों को पदमुक्त कर दिया. इसके विरोध में ये अधिकारी हाईकोर्ट चले गये. लेकिन वहां से उन्हें CAT जाने की सलाह दी गई.
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने मामला कैट में उठाया। अधिकारियों ने कैट को बताया कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए न तो आवेदन किया है और न ही अपनी सहमति दी है. इसके अलावा जिस पद पर उन्हें भेजा जा रहा है वह उनकी मौजूदा रैंक से एक रैंक नीचे है. ऐसे में यह प्रोफेशनल तौर पर डिमोशन जैसा है.
इससे पहले भी दोनों अधिकारियों ने केंद्रीय बलों में शामिल होने को लेकर अनिच्छा जाहिर की थी. ऐसे में कैट ने इन अधिकारियों को राहत देते हुए फिलहाल आदेश पर रोक लगा दी है. इसके अलावा सरकार को चार सप्ताह के भीतर प्रतिनियुक्ति से संबंधित नियमों और प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया है.
