एक्सक्लूसिव खबर: बागेश्वर के भंवराटोली में 900 मीटर की ऊंचाई पर देखा गया दुर्लभ सॉफ्टशेल कछुआ
नदी के किनारों और दलदली इलाकों में रहने वाला सॉफ्टशेल कछुआ हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंच गया है। बागेश्वर के भनारतोली गांव में करीब 900 मीटर की ऊंचाई पर पहली बार इसकी मौजूदगी ने लोगों में उत्सुकता के साथ-साथ आश्चर्य भी पैदा कर दिया है. वैज्ञानिक इसे क्षेत्र की बदलती जलवायु और जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
जानकारों के मुताबिक पहाड़ों में कछुआ दिखना कोई सामान्य घटना नहीं है. सॉफ्टशेल कछुआ एक संरक्षित प्रजाति है। यह जलीय जीव सामान्यतः समुद्र तल से 400 से 600 मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है। कुछ मामलों में तो इनकी मौजूदगी 700 मीटर तक भी दर्ज की गई है. अब काफलीगैर तहसील क्षेत्र के भनारतोली के एक गड्ढे में करीब 900 मीटर की ऊंचाई पर इसका पाया जाना दुर्लभ घटना है।
सॉफ़्टशेल कछुए की विशेष विशेषताएं
यह कछुआ आमतौर पर तराई क्षेत्र की दलदली भूमि, धीमी गति से बहने वाली नदियों, झीलों और तालाबों में पाया जाता है। इसके मुलायम और चमड़े जैसे खोल के कारण इसे सॉफ़्टशेल कहा जाता है। लंबे सिर और ट्यूब जैसी नाक वाला यह जलीय जीव एक दुर्लभ जीव है। ठंडे पहाड़ी इलाकों में सॉफ्टशेल कछुए का पाया जाना असामान्य माना जाता है।
