एलपीजी आपूर्ति संकट पर सरकार अलर्ट, समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसके कारण कई स्थानों पर एलपीजी की उपलब्धता को लेकर समस्याएँ सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करने का फैसला किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि एलपीजी की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने और गैर-घरेलू क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं को समझने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति का उद्देश्य गैस आपूर्ति से संबंधित मुद्दों का अध्ययन करना और समाधान ढूंढना है।
तीन कार्यकारी निदेशकों की कमेटी समीक्षा करेगी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति में तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के तीन कार्यकारी निदेशकों को शामिल किया गया है। ये अधिकारी रेस्तरां, होटल और अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों में एलपीजी आपूर्ति से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करेंगे। समिति यह भी देखेगी कि गैस की उपलब्धता को कैसे बेहतर ढंग से संतुलित किया जाए ताकि सभी क्षेत्रों को उनकी जरूरत की आपूर्ति मिल सके। सरकार का मानना है कि इस समीक्षा के बाद गैस वितरण प्रणाली में और सुधार किया जा सकेगा.
घरेलू उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई
सरकार ने साफ कर दिया है कि मौजूदा हालात में घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सप्लाई मुहैया कराना पहली प्राथमिकता है. यानी आम घरों में गैस सिलेंडर की कमी न हो इसका खास ख्याल रखा जा रहा है. सरकार चाहती है कि परिवारों को दैनिक कार्यों के लिए गैस की उपलब्धता में कोई दिक्कत न हो. इसलिए घरेलू गैस की आपूर्ति को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण गैर-घरेलू क्षेत्रों को भी प्राथमिकता मिल रही है
हालाँकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कुछ आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। विशेषकर अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। इन संस्थानों में गैस की लगातार जरूरत रहती है, इसलिए सरकार ने इनकी आपूर्ति भी सुरक्षित करने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि समिति की समीक्षा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, ताकि एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके और किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी न हो.
