कौशांबी में हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला फूंकने पहुंचे कांग्रेसियों की पुलिस से हाथापाई।

कौशांबी जिले के नगर पंचायत चरवा में उस वक्त हंगामा मच गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला फूंका. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और छीना-झपटी की स्थिति बन गई. पुलिस ने पुतला छीनकर मौके से हटाने की कोशिश की, जिससे माहौल और गरमा गया. यह प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानों के विरोध में किया गया. घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है.
पुतला दहन के दौरान पुलिस से झड़प
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता चरवा इलाके में इकट्ठा हुए और हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला जलाने लगे. इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और पुतला छीनने की कोशिश की. इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया.
जिला प्रमुख और पुलिस के बीच तीखी बहस
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया और कोई बड़ी घटना होने से रोक ली.
नेताओं के बयानों के खिलाफ प्रदर्शन
जिला अध्यक्ष गौरव ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा के खिलाफ हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था. इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका. उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है.
कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर बोला हमला
गौरव ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं के सम्मान के लिए लड़ेगी और वह बीजेपी या उसके नेताओं से नहीं डरती. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार और उसके नेताओं में अहंकार बढ़ गया है, जिसे जनता समझ चुकी है और समय आने पर वोट के माध्यम से जवाब देगी.
कार्यक्रम में कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. इनमें पूर्व प्रदेश सचिव राम बहादुर त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष दीपक पांडे बाबू जी, उदय यादव, जिला महासचिव सुरेंद्र शुक्ला, जिला सचिव जय प्रकाश जयसवाल, ब्लॉक अध्यक्ष सिराथू रामप्रकाश पंडा, ब्लॉक अध्यक्ष नेवादा रावेंद्र यादव, सोशल मीडिया जिला अध्यक्ष सचिन पांडे, शुभेंद्र यादव छोटू, आशू पांडे, रमेश यादव, राकेश पाल, मनोज प्रजापति, बाबू लाल सिंह, रामकरन रविदास, प्रदीप गौतम, छोटू शामिल हैं। केशरवानी, समर सरोज, दीपक कुशवाहा, ज्ञान देव पांडे, सुरेंद्र पासी, बड़का रैदास व राकेश रैदास समेत कई लोग शामिल रहे।
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
