ग़ाज़ीपुर में बीमा कंपनी पर सख्त कार्रवाई, क्लेम न देने पर फोरम का बड़ा आदेश

ग़ाज़ीपुर समाचार: उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर से एक अहम मामला सामने आया है, जहां बीमा क्लेम का भुगतान न करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है. सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की शिकायत पर सुनवाई करते हुए फोरम ने कंपनी को इलाज का खर्च और पूरी बीमा राशि लौटाने का आदेश दिया है। इस फैसले से उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर कड़ा संदेश गया है.
हादसे के बाद शुरू हुई परेशानी
जानकारी के मुताबिक, गाजीपुर कोतवाली क्षेत्र के गोराबाजार निवासी देवेंद्र यादव ने 31 जनवरी 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि उन्होंने 8,304 रुपये का प्रीमियम देकर अपनी बाइक का बीमा कराया था, जिसमें 30 लाख रुपये का कवर शामिल था. कुछ देर बाद वह अपने भाई के साथ बाइक से जा रहा था, तभी उसकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में उनके पैर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। इलाज पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च हुए।
संक्रमण के कारण पैर काटना पड़ा
हादसे के बाद देवेंद्र यादव ने तुरंत बीमा कंपनी को सूचना दी और कंपनी ने क्लेम नंबर भी जारी किया. लेकिन इसके बावजूद क्लेम का निपटारा नहीं हुआ. इसी बीच चोट लगने के कारण उनके पैर में इंफेक्शन फैल गया और हालत इतनी गंभीर हो गई कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा. इस वजह से वह 85 फीसदी विकलांग हो गये.
दस्तावेज देने के बाद भी पैसे नहीं मिले
पीड़ित ने बताया कि उसने बीमा कंपनी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज समय पर जमा कर दिए थे। यहां तक कि 24 सितंबर 2021 को कंपनी के सर्वेयर भी जांच के लिए आए. इसके बावजूद कंपनी ने कोई भुगतान नहीं किया, जिससे परेशान होकर उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया.
फोरम ने दिए सख्त आदेश
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव, सदस्य रणविजय मिश्र व दीपा रानी की खंडपीठ ने बीमा कंपनी को बीमा राशि 30 लाख रुपये व इलाज पर खर्च हुई रकम सात प्रतिशत ब्याज के साथ दो माह के अंदर लौटाने का आदेश दिया है. इस फैसले को पीड़िता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
