गोंडा में विवादित पोस्टर से गरमाई सियासत, अखिलेश पर निशाना और योगी सरकार से तुलना

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है. शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे विवादित पोस्टर और होर्डिंग्स ने एक नई बहस छेड़ दी है. इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला गया है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली को बेहतर बताया गया है. ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नाम के संगठन की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं.
जगह-जगह लगाए गए पोस्टर
जानकारी के मुताबिक ये पोस्टर गोंडा के अंबेडकर चौराहे और कमिश्नर आवास जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के सामने लगाए गए हैं. इन होर्डिंग्स में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘अखिलेश के ल्यारी राज, क्या चाहिए धुरंधर सीएम?’ पोस्टर में अखिलेश यादव को ‘रहमान डाकू’ के रूप में दिखाया गया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है. ये पोस्टर सीधे तौर पर राजनीतिक संदेश देने के मकसद से लगाए गए हैं.
होर्डिंग्स में दंगों का जिक्र और एसपी पर हमला
इन होर्डिंग्स में मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में हुए दंगों की खबरों की कटिंग भी लगाई गई है. इसके जरिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा गया है. संगठन ने यह दिखाने की कोशिश की है कि उस समय कानून-व्यवस्था कमजोर थी, जबकि मौजूदा सरकार में स्थिति बेहतर है.
योगी सरकार के एक्शन पर प्रकाश डाला
पोस्टरों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘धुरंधर सीएम’ बताया गया है. साथ ही उनकी सरकार द्वारा माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई को भी प्रमुखता से दिखाया गया है. इस तुलना के जरिए जनता से पूछा गया है कि उन्हें कैसी सरकार चाहिए. ये मैसेज लोगों का ध्यान खींचने में कामयाब रहा है.
राजनीतिक माहौल गरमा गया
‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ संगठन की ओर से लगाए गए इन विवादित होर्डिंग्स के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक कोई बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह साफ है कि इस तरह के पोस्टर भविष्य में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं.
(रिपोर्ट: संदीप शुक्ला, लखनऊ)
