विशेष न्यायाधीश सीबीआई मदन राम की अदालत ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक और एक किसान को सजा सुनाई है। पूर्व मैनेजर को चार साल की कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं, किसान को एक साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.
बैंक मैनेजर ने ट्रैक्टर डीलरों और किसानों से मिलीभगत कर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन बांटा था. खेती की जरूरतों के लिए मिले इस लोन का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए किया जाता था जिसमें ट्रैक्टर डीलर के खाते का इस्तेमाल किया जाता था. सीबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक मार्च 2017 में महाप्रबंधक पूरन चंद ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर में हुए इस घोटाले की शिकायत सीबीआई से की थी.
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इस पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर, मेसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी थी. जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2014-15 के दौरान दिनकर ने अयोग्य लाभुकों को 2.85 करोड़ रुपये का केसीसी ऋण दिया था. ट्रैक्टर डीलर की मिलीभगत से यह रकम गैर-कृषि कार्यों के लिए ट्रांसफर कर दी गई, जिससे बैंक को 3.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.