निजी घर में नमाज के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, बरेली डीएम और एसएसपी तलब

प्रयागराज से एक अहम खबर सामने आई है. बरेली में निजी घर में नमाज पढ़ने के मामले में पुलिस कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की और प्रशासन से जवाब मांगा. कोर्ट ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है. इस मामले को लेकर कोर्ट ने कई अहम निर्देश भी जारी किये हैं.
डीएम और एसएसपी को कोर्ट में तलब किया गया
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अतुल श्रीधरन की अदालत ने बरेली के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तलब किया है. कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने को कहा है. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि निजी घर में नमाज पढ़ने के मामले में पुलिस ने किस आधार पर कार्रवाई की.
हसीन खान को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश
इस मामले में जिस हसीन खान का नाम सामने आया है, उसे लेकर भी कोर्ट ने अहम आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह हसीन खान को तुरंत पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए. कोर्ट का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर हसीन खान के व्यक्ति या संपत्ति के खिलाफ कोई हिंसक घटना होती है तो प्रथम दृष्टया राज्य को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा. कोर्ट की इस टिप्पणी को प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.
मामले की अगली सुनवाई पर नजर है
फिलहाल इस मामले में प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. कोर्ट के निर्देश के बाद अब सबकी निगाहें इस मामले की अगली सुनवाई पर हैं. उम्मीद है कि कोर्ट में अधिकारियों के जवाब के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो जायेगी.
