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नोएडा में मजदूरों ने क्यों किया हंगामा? अखिलेश यादव ने बताया हिंसक विरोध का मुख्य कारण

अखिलेश यादव: वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर नोएडा में चल रहा मजदूरों का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है. कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. कर्मचारियों का कहना है कि कम वेतन और बढ़ती महंगाई के बीच उनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है. इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए इसे मजदूरों के शोषण से जुड़ा मुद्दा बताया है.

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने लिखा कि वेतन वृद्धि को लेकर नोएडा में हो रहा आंदोलन भाजपा सरकार की एकतरफ़ा नीति का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि मजदूरों व कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, यह सिर्फ एक परिवार का सदस्य ही समझ सकता है. उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है.

सेक्टर 59, 60 और 62 में विरोध तेज हो गया
यहां नोएडा के सेक्टर 59 और 60 में कर्मचारियों ने काम छोड़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान भीड़ ने दो कारों के शीशे तोड़ दिये और दो बाइक में आग लगा दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल के साथ पीएसी और आरएएफ को तैनात किया गया है। सेक्टर 62 में भी विरोध प्रदर्शन जारी है, जहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. बिगड़ते हालात के बीच कुछ मजदूर अपने गांव लौटने लगे हैं क्योंकि उन्हें असुरक्षित महसूस हो रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश
हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि सभी श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। सीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों से श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करने को कहा. उन्होंने 24 घंटे के भीतर उद्योग संगठनों और प्रबंधन के बीच संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिये.

सख्ती और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से औद्योगिक क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और श्रमिकों की समस्याओं का समय पर समाधान करने को कहा. उन्होंने चेतावनी दी कि माहौल खराब करने वाले तत्वों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी उकसावे वाली गतिविधि पर नजर रखने के भी निर्देश दिए.

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