बिजली गुल, लिफ्ट में फंसे मां-बेटे…40 मिनट तक नहीं मिली मदद, लोगों का फूटा गुस्सा ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश समाचार: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक बार फिर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। विहान ग्रीन सोसायटी में एक महिला अपने पांच साल के बच्चे के साथ करीब 40 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने बच्चे को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी. जैसे ही वह बेसमेंट से लिफ्ट में चढ़ी और ऊपर जाने लगी, अचानक बिजली चली गई और लिफ्ट छठी और सातवीं मंजिल के बीच फंस गई। इस दौरान महिला और उसका बच्चा अंदर फंस गए और काफी देर तक मदद का इंतजार करते रहे.
शोर मचाने पर भी तुरंत मदद नहीं मिली
पहले तो महिला को लगा कि लिफ्ट कुछ देर में शुरू हो जाएगी, इसलिए उसने इंतजार किया। लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो उन्होंने लिफ्ट में लगा इमरजेंसी अलार्म दबा दिया. आरोप है कि अलार्म बजने के बावजूद तुरंत कोई मदद नहीं पहुंची. हालात बिगड़ते देख महिला ने अपने घर फोन किया और परिजनों को जानकारी दी. इसके बाद परिवार वालों ने सोसायटी के मेंटेनेंस स्टाफ को इसकी जानकारी दी।
लिफ्ट ऑपरेटर की अनुपस्थिति बनी बड़ी वजह
इस घटना में सबसे बड़ी लापरवाही जो सामने आई वो ये कि उस वक्त सोसायटी में कोई लिफ्ट ऑपरेटर मौजूद नहीं था. मेंटेनेंस स्टाफ को बुलाने में ही 15 से 20 मिनट लग गए। इस देरी के कारण महिला और बच्चा करीब 40 मिनट तक लिफ्ट में ही फंसे रहे. इस दौरान बच्चा डर के मारे रोने लगा, जिससे महिला की परेशानी और बढ़ गई.
निवासियों में नाराजगी, उठे सवाल
घटना के बाद समाज के लोगों में भारी गुस्सा था. लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन बिल्डर और प्रबंधन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है. आए दिन लिफ्ट खराब होने या फंसने की घटनाएं हो रही हैं, जो लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं।
प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सोसायटी प्रबंधन रखरखाव के नाम पर हर महीने लाखों रुपये की वसूली करता है, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाएं ठीक से मुहैया नहीं कराई जाती हैं. सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है.
जांच और कार्रवाई की मांग
समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और निवासियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो.
