मिशन शक्ति मुजफ्फरनगर: नवरात्रि सप्ताह के दौरान आईटीआई परिसर में बड़ा जागरूकता अभियान, पुलिस ने बेटियों को सिखाया सुरक्षा के मजबूत हथियार
मिशन शक्ति अभियान के तहत, मुजफ्फरनगर पुलिस ने महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का एक मजबूत संदेश देने के लिए नवरात्रि सप्ताह के अवसर पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति चरण-5 (द्वितीय चरण) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें हर परिस्थिति में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती के निर्देशन में किया गया। इंदु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में मिशन शक्ति टीम ने स्टॉल लगाकर उपस्थित छात्राओं, महिलाओं और नागरिकों को महिला सुरक्षा कानून, हेल्पलाइन सेवाओं और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराया। पूरे परिसर में जागरूकता का माहौल नजर आया जिसमें सुरक्षा सिर्फ एक विषय नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी थी।
अभियान के तहत आईटीआई परिसर में जागरूकता स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना
आईटीआई मुजफ्फरनगर परिसर में लगाए गए मिशन शक्ति जागरूकता स्टॉल पर बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं पहुंचीं। यहां पुलिस टीम ने महिलाओं को विस्तार से बताया कि वर्तमान समय में सुरक्षा केवल भौतिक स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों पर भी सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।
स्टॉल पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने हेल्पलाइन नंबर 1090, 112 और 181 का उपयोग करने की प्रक्रिया समझाई और स्पष्ट किया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में महिलाएं तुरंत इन सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं। कई छात्राओं ने इन नंबरों को मौके पर ही अपने मोबाइल फोन में सेव कर लिया और व्यक्तिगत स्तर पर पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा की।
यह पहल केवल जानकारी प्रदान करने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संवाद और भागीदारी का माहौल भी देखने को मिला, जिसके कारण यह कार्यक्रम अधिक प्रभावी और उपयोगी साबित हुआ।
महिलाओं को बताए गए सुरक्षा कानूनों के मजबूत प्रावधान
मिशन शक्ति मुजफ्फरनगर कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं को उनके अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। इसमें घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, साइबर अपराध से संबंधित प्रावधान और महिला उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया।
महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज कराना सुरक्षा की दिशा में पहला कदम है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने में कोई झिझक या डरने की जरूरत नहीं है।
इस मौके पर छात्राओं ने कई सवाल भी पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया और उनके मन में मौजूद शंकाओं को दूर किया.
अभियान में साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जोर
साइबर सुरक्षा जागरूकता मिशन शक्ति मुजफ्फरनगर कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए साइबर क्राइम की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
पुलिस टीम ने छात्राओं को बताया कि उन्हें अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने और फर्जी प्रोफाइल पर बातचीत करने से बचना चाहिए। यह भी बताया गया कि साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करने के लिए एक विशेष पुलिस प्रणाली है और पीड़ितों को तत्काल सहायता मिल सकती है।
इस दौरान सोशल मीडिया के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग, डिजिटल पहचान की सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
के माध्यम से हेल्पलाइन सेवाओं की उपयोगिता के बारे में बताया गया
कार्यक्रम के दौरान वूमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 181 के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ये हेल्पलाइन सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहती हैं।
विद्यार्थियों से कहा गया कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो वे तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सेवाओं का उपयोग पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है, जिससे शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रहती है।
इस जानकारी से उपस्थित महिलाओं व युवतियों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की.
कार्यक्रम में बाल विवाह और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूक किया गया
मिशन शक्ति अभियान के तहत बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील विषयों पर भी खुलकर चर्चा की गई। पुलिस टीम ने कहा कि आज भी समाज में कई जगहों पर बाल विवाह की घटनाएं होती हैं, जो कानूनन अपराध है और लड़कियों के भविष्य पर इसका गंभीर असर पड़ता है.
महिलाओं को घरेलू हिंसा के मामलों में कानूनी सहायता लेने के अधिकार के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक यातना सहना जरूरी नहीं है और कानून उनके साथ खड़ा है।
मिशन शक्ति से बढ़ा छात्राओं का आत्मविश्वास मुजफ्फरनगर
कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं ने पुलिस टीम से सीधा संवाद किया और सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस संवादात्मक वातावरण ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बना दिया तथा छात्राओं के आत्मविश्वास का स्तर स्पष्ट रूप से बढ़ रहा था।
विद्यार्थियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल उन्हें जागरूक करते हैं बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता भी देते हैं।
अभियान में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। केवल परिवार, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन ही मिलकर एक सुरक्षित वातावरण बना सकते हैं।
इस संदेश ने उपस्थित लोगों पर गहरा प्रभाव डाला और कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जानकारी प्रदान करना था बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाना भी था।
अभियानों से महिला सशक्तिकरण का आधार मजबूत हो रहा है
प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के माध्यम से लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस विभाग ने भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रम जारी रखने की योजना बनाई है ताकि महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके और वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें।
मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत चलाये जा रहे ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बताते हैं कि बदलते दौर में महिला सुरक्षा सिर्फ एक प्रशासनिक प्रयास नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। आईटीआई परिसर में आयोजित इस पहल ने छात्राओं और महिलाओं को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और भविष्य में भी इसी तरह के सशक्त अभियान जारी रहेंगे।
