मुजफ्फरनगर: बुढ़ाना पुलिस का बड़ा खुलासा- फर्जी दस्तावेज बेचने वाला अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह पकड़ा गया, 3 फॉर्च्यूनर कारें बरामद
मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से तीन लग्जरी फॉर्च्यूनर कारें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह कार्रवाई जिले में वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है. 🚔
मुखबिर की सूचना पर खंडहर में छापा, मौके से मिलीं तीन लग्जरी कारें
पुलिस को सूचना मिली थी कि चोरी और फाइनेंस करने वाला एक सक्रिय गिरोह अवैध रूप से वाहन खरीदकर उनका इंजन और चेसिस नंबर बदल देता है. इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर बाजार में बेच दिया जाता है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बुढ़ाना-कांधला मार्ग से विज्ञान मार्ग स्थित एक खंडहर में छापा मारा, जहां दो संदिग्ध व्यक्ति मौजूद मिले। पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया और वहां से तीन फॉर्च्यूनर गाड़ियां बरामद कीं.
फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेज तैयार कर वाहन बेचे जाते थे।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह योजनाबद्ध तरीके से काम करता है। गिरोह के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते थे। कुछ सदस्यों ने वाहन चुराए, जबकि अन्य ने उनके इंजन और चेसिस नंबर मिटाकर फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेज बनाए।
इसके बाद ग्राहक ढूंढकर इन गाड़ियों को बेच दिया जाता था और अवैध कमाई को आपस में बांट लिया जाता था.
अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं आरोपी, पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदिल पुत्र जावेद अहमद निवासी जिला कुलगाम (कश्मीर) और मनीष पुत्र ब्रजपाल निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मेरठ में रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय वाहन चोरी नेटवर्क से जुड़े हैं.
पुलिस अब उसके अन्य साथियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है.
लग्जरी गाड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए खास रणनीति बनाई गई थी
जांच के दौरान पता चला कि गिरोह चोरी की महंगी गाड़ियों को सुरक्षित जगहों पर छिपा देता था. इसके बाद इंजन और चेसिस नंबर बदलकर नई पहचान दी गई।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन गाड़ियों को अलग-अलग जिलों और राज्यों में बेच दिया जाता था, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था.
स्पेशल पुलिस टीम को संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता
इस कार्रवाई में बुढ़ाना थाने की विशेष टीम ने समन्वित कार्रवाई की. टीम में प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री, उपनिरीक्षक संदीप कुमार, ललित कुमार, आशीष चौधरी, तेजवीर सिंह, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र, संजय कुमार, सुनील कुमार, अमरदीप सिंह, सर्विलांस सेल के विकास चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
टीम की सक्रियता और सूझबूझ से गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली.
सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम को नकद पुरस्कार मिला
इस उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए बुढ़ाना पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा 15,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि वाहन चोरी नेटवर्क के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
वाहन चोरी के संगठित गिरोह के खिलाफ अभियान तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में सक्रिय संगठित वाहन चोर गिरोह के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. हाल की कार्रवाइयों से संकेत मिला है कि लग्जरी वाहनों की चोरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बेचने में शामिल नेटवर्क पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों में और भी गिरफ्तारियां होंगी.
बुढ़ाना क्षेत्र में अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय लग्जरी वाहन चोर गिरोह का खुलासा पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तीन फॉर्च्यूनर कारों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि जिले में संगठित अपराध के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है और भविष्य में भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
