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मुजफ्फरनगर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरक कार्यक्रम: महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, केशवपुरी की ओर से रविवार को ब्रह्माकुमारी ध्यान केंद्र बामनहेड़ी में प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “महिला सशक्तिकरण बेहतर समाज की आधारशिला है।थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के जरिए आगे बढ़ने का संदेश दिया गया.

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके भीतर मौजूद आध्यात्मिक और सामाजिक शक्ति का एहसास कराना और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इसे एक प्रेरणादायक और सार्थक आयोजन बना दिया।


नारी शक्ति से ही समाज का विकास संभव है

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यशी गर्गखंड कार्यवाह समिति, राष्ट्रीय सेविका समिति (चरथावल) उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने से ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास संभव है.

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, व्यवसाय, सामाजिक कार्य सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। यदि महिलाओं को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं।

उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर प्रयास से उन्हें हासिल करने के लिए आगे बढ़ने का आग्रह किया।


शिक्षा एवं स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया गया

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए पूर्व प्रोफेसर डॉ. चित्रा चौधरी महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया.

उन्होंने कहा कि शिक्षा न केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम है, बल्कि यह स्वावलंबन और स्वाभिमान का मार्ग भी प्रशस्त करती है। यदि महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तो वे अपने परिवार और समाज दोनों को मजबूत कर सकती हैं।

उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और शिक्षा के सहारे वे जीवन में किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।


महिला समाज की आधारशिला : राजयोगिनी जयंती दीदी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजयोगिनी जयंती दीदी उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि महिलाएं न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की आधारशिला हैं।

उन्होंने कहा कि नारी के अंदर प्रेम, करुणा, सहनशीलता और त्याग जैसे दिव्य गुण स्वाभाविक रूप से विद्यमान होते हैं। जब एक महिला अपनी आंतरिक शक्ति और स्वाभिमान को पहचान लेती है तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक शक्ति बन जाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल अधिकारों की प्राप्ति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंदर आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


राजयोग मेडिटेशन से मानसिक शक्ति मिलती है

राजयोगिनी जयंती दीदी ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय राजयोग ध्यान महिलाओं को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि जब एक महिला अपने मन को शक्तिशाली और शांत बना लेती है तो वह जीवन की हर परिस्थिति का सामना धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकती है। इससे न केवल उनका निजी जीवन बेहतर होता है बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक माहौल बनता है।


माँ परिवार की प्रथम गुरु होती है

अपने संबोधन में राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि महिला ही परिवार की प्रथम गुरु होती है। बच्चे सबसे पहले संस्कार अपनी माँ से सीखते हैं।

यदि मां स्वयं सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण होगी तो वह आने वाली पीढ़ी को सर्वोत्तम संस्कार दे सकेगी। इसलिए महिलाओं को अपने मानसिक और आध्यात्मिक विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता को अपनाती हैं तो उनका व्यक्तित्व और अधिक प्रभावशाली हो जाता है।


महिलाओं की आंतरिक शक्ति को पहचानने का संदेश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं को संदेश दिया कि वे अपने अंदर छिपी दैवीय शक्तियों को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि हर महिला में अपार शक्ति और क्षमता होती है। जब एक महिला अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास को पहचान लेती है तो वह परिवार और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।


दिव्य गीत-संगीत से मिला आध्यात्मिक संदेश

कार्यक्रम के दौरान प्रेरणादायी भाषणों के साथ-साथ दिव्य गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक संदेश दिया गया।

गीत-संगीत एवं आध्यात्मिक माहौल ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक सोच का अनुभव हुआ।


महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मुजफ्फरनगर कार्यक्रम में क्षेत्र की कई महिलाओं एवं गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किये और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर चर्चा की। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को एक मंच प्रदान किया जहां वे अपनी क्षमताओं और अनुभवों को साझा कर सकती थीं।


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