मुजफ्फरनगर में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अहम बैठक: डीएम उमेश मिश्र ने राजनीतिक दलों से की चर्चा
मुजफ्फरनगर मतदाता सूची पुनरीक्षण इसको लेकर जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है. योग्यता तिथि 01 जनवरी 2026 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के संबंध में उमेश मिश्रा जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की.
इस बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित प्रगति, लंबित मामलों और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो।
राजनीतिक दलों से हुई चर्चा
मुजफ्फरनगर मतदाता सूची पुनरीक्षण समीक्षा से संबंधित इस बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने राजनीतिक दलों के अध्यक्षों, सचिवों एवं उनके प्रतिनिधियों से बातचीत की और समीक्षा प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है. इसके तहत विभिन्न प्रकार की त्रुटियों एवं विसंगतियों को दूर करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देने की अपील की.
नोटिस पर हुई बड़ी कार्रवाई
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कोई तार्किक विसंगति का मानचित्रण नहीं कुल के अंतर्गत 4,46,318 नोटिस जारी किये गये।
यहाँ इन 4,12,420 नोटिस (लगभग 92.40 प्रतिशत) लेकिन सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. बाकी नोटिसों पर सुनवाई की कार्यवाही अभी भी जारी है.
उन्होंने कहा कि इन नोटिसों के माध्यम से मतदाता सूची में मौजूद संभावित त्रुटियों और विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि अंतिम सूची अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके.
नये मतदाताओं का पंजीकरण प्रपत्र-6 के माध्यम से
मुजफ्फरनगर मतदाता सूची पुनरीक्षण इसके तहत जिले में नये मतदाताओं के भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं.
जिले में समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि फॉर्म-6 के कुल 1,25,054 आवेदन प्राप्त हो गया है. इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
फॉर्म-6 का उपयोग उन नागरिकों द्वारा किया जाता है जो पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं या किसी अन्य स्थान से स्थानांतरित होने के बाद किसी नए क्षेत्र में पंजीकरण कराना चाहते हैं।
चुनाव आयोग का उद्देश्य
बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने स्पष्ट किया कि भारत का चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है, इसलिए इसकी शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने स्तर से भी इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो उन्हें फार्म भरवाकर अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या या त्रुटि सामने आने पर तुरंत प्रशासन को सूचित किया जाए ताकि उसका समाधान किया जा सके.
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे
मुजफ्फरनगर मतदाता सूची पुनरीक्षण इस बैठक में संबंधित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे.
इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे.
इसके अलावा बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया
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भारतीय जनता पार्टी से ओम प्रकाश उपाध्याय
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बहुजन समाज पार्टी से इंतज़ार अली
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समाजवादी पार्टी से साजिद हसन और सोमपाल सिंह
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से -सुभाष उपाध्याय
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आम आदमी पार्टी से अजय चौधरी
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जिला कांग्रेस पार्टी से ममनून खान (वकील) शामिल रहें.
बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर अपने सुझाव भी साझा किये.
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम
मतदाता सूची की विशेष बारीकी से जांच करना चुनावी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल योग्य नागरिक ही चुनाव में मतदान कर सकते हैं और सूची पूरी तरह से अद्यतन रहती है।
जिले में चल रही यह प्रक्रिया आगामी चुनाव के लिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि सटीक मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद है.
मुजफ्फरनगर में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है। जिलाधिकारी उमेश मिश्र के नेतृत्व में अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के सहयोग से इस प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
