मुजफ्फरनगर में रामनवमी की भव्य शोभा यात्रा ने रचा आस्था का इतिहास, श्री सनातन धर्म सभा भवन में दिव्य झांकियों और महाआरती से गूंजा शहर
मुजफ्फरनगर रामनवमी कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला.जब झाँसी की रानी स्थित श्री सनातन धर्म सभा भवन में रामनवमी का त्यौहार अत्यंत धूमधाम, अनुशासन और धार्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण “जय श्री राम” के नारों से गूंजता रहा और भक्तों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आये भक्तों ने भाग लिया और भगवान श्री राम के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया. पारंपरिक झाँकियाँ, भव्य महाआरती, उत्सव पत्रिका का विमोचन और शहरव्यापी जुलूस ने इस धार्मिक आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप दिया।
भव्य झांकियों ने त्रेतायुग के दिव्य दृश्य को जीवंत कर दिया
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक केंद्र भगवान विष्णु के स्वरूप से शुरू हुई झांकियों की शृंखला रही, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के बाल रूप का अत्यंत मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
झांकियों के माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन के विभिन्न प्रेरक प्रसंगों का प्रभावी मंचन किया गया। कलाकारों की भाव-भंगिमा और प्रस्तुति इतनी जीवंत थी कि दर्शक खुद को त्रेतायुग की पवित्र भूमि में मौजूद महसूस करने लगे।
इस दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर जयकारे लगाते रहे और पूरा परिसर भक्ति के माहौल से गूंजता रहा।
मुख्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को बढ़ा दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, शोभित गुप्ता एवं अरविन्द भारद्वाज की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सांस्कृतिक जागरूकता एवं धार्मिक एकता का सशक्त माध्यम बताया।
अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
महाआरती में उमड़ा आस्था का सागर
कार्यक्रम के दौरान आयोजित भव्य महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लिया और सामूहिक रूप से भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना की. दीपों की रोशनी, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
महाआरती के बाद प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने पूरे अनुशासन एवं व्यवस्था के साथ प्रसाद वितरण सुनिश्चित कराया।
उत्सव पत्रिका का विमोचन विशेष आकर्षण रहा
पर्व पत्रिका का विमोचन भी किया गया, जिसे श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। इस पत्रिका में रामनवमी के महत्व, भगवान श्री राम के जीवन आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायक सामग्री शामिल थी।
भक्तों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी पत्रिकाएँ समाज में सकारात्मक सोच और धार्मिक चेतना को बढ़ावा देती हैं।
जुलूस में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
रामनवमी के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभा यात्रा टाउन हॉल मैदान से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए पुन: टाउन हॉल पहुंची. इस दौरान शहर में जगह-जगह भक्तों ने भगवान श्रीराम के परिवार की आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया.
इस जुलूस में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी देखी गयी. पूरे रास्ते भक्ति संगीत और मंत्रोच्चार से माहौल पूरी तरह राममय हो गया।
समिति पदाधिकारियों ने अतिथियों का भव्य स्वागत किया
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष शंकर स्वरूप, मंत्री सतीश ठेकेदार, उपाध्यक्ष शिव चरण दास, कोषाध्यक्ष अमित, कार्यालय मंत्री अंजुल, सुखदेव मित्तल एडवोकेट, नवीन ठेकेदार, अनुराग अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, जनार्दन स्वरूप, प्रवीण गुप्ता, अनिल बंसल प्रचार मंत्री, अजय गर्ग, साधुराम गर्ग एडवोकेट एवं व्यवस्था प्रमुख सुरेश पांडे एवं अन्य पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।
आयोजन की सफलता में सभी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभायी तथा व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।
वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाता आयोजन
रामनवमी कार्यक्रम कोई नया आयोजन नहीं है बल्कि वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन श्री सनातन धर्म सभा भवन द्वारा वर्षों से लगातार किया जा रहा है. समय के साथ इस आयोजन ने शहरवासियों के बीच खास जगह बना ली है।
हर साल इस कार्यक्रम का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
युवाओं में धार्मिक आयोजनों के प्रति रुचि बढ़ रही है।
इस आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। जुलूस के संचालन, झांकी निर्माण व व्यवस्था में युवा स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभायी.
धार्मिक आयोजनों में युवाओं की इस भागीदारी को समाज के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को नई दिशा मिल रही है।
नगरवासियों ने सामूहिक रूप से रामभक्ति का संकल्प लिया।
नगरवासियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों एवं नैतिक जीवन शैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं.
रामनवमी उत्सव ने फिर दिखाया सामाजिक एकता का संदेश
रामनवमी का यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सद्भाव का भी प्रतीक बन गया। विभिन्न वर्गों और आयु वर्ग के लोगों ने एक साथ भाग लेकर यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति की जड़ें आज भी उतनी ही मजबूत हैं जितनी पहले थीं।
मुजफ्फरनगर रामनवमी कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब आस्था, परंपरा और सामाजिक भागीदारी एक साथ आती है तो पूरा शहर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और भगवान श्री राम के आदर्शों की प्रेरणा हर व्यक्ति तक पहुंचती है।
