मुजफ्फरनगर में श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य माहौल: ध्रुव, सती और नरसिम्हा अवतार की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

मुजफ्फरनगर शहर में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला. सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित इस पावन कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा स्थल पर ऐसा दिव्य माहौल बना कि हर तरफ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों की गूंज सुनाई देने लगी। कथा सुनते समय श्रद्धालु भावविभोर होते दिखे और भक्ति के रस में डूबकर भगवान की महिमा का स्मरण करते रहे।

श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त अग्रवाल परिवार के तत्वाधान में किया जा रहा है। कथा सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने लायक था। श्रद्धालुओं ने कथा के साथ-साथ भजन-कीर्तन में भाग लेकर माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।


भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ सनातन धर्म सभा भवन

सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित हुआ मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा तीसरे दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। कथा स्थल को फूलों और धार्मिक सजावटों से सजाया गया था, जिससे माहौल और भी पवित्र हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में मोहित मित्तल (श्री राधे इंडस्ट्रीज), राजेश जैन (गर्ग डुप्लेक्स), शैलेश कुच्छल, विच्युत अग्रवाल और संदीप गर्ग (एसके इंटरनेशनल) उपस्थित रहें। सभी यजमानों ने व्यास पीठ पर बैठे कथावाचक का स्वागत किया। हिमेश शास्त्री जी महाराज (मथुरा निवासी) से आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस मौके पर कार्तिक अग्रवाल सभी अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार किया गया। कथा की शुरुआत श्रीमद्भागवत की आराधना से हुई और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ कथा का आनंद लेते रहे।


सती चरित्र से आत्मसम्मान और गरिमा का संदेश मिला

कहानी कहने वाला हिमेश शास्त्री महाराज अपने उपदेश में सती चरित्र बहुत ही भावपूर्ण वर्णन किया है. उन्होंने बताया कि सती माता ने अपने स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए जो मिसाल कायम की वह आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने बताया कि सती का चरित्र मनुष्य को सिखाता है कि जीवन में स्वाभिमान और मर्यादा कितनी महत्वपूर्ण है। धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी अन्याय के सामने नहीं झुकता।

कथा के इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और कई श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं।


ध्रुवाख्यान: अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा

मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा इस दौरान ध्रुवाख्यान की कथा भी बड़े ही भावपूर्ण ढंग से सुनाई गई। कथावाचक ने बताया कि बालक ध्रुव की भक्ति और तपस्या अद्वितीय थी।

उन्होंने बताया कि ध्रुव ने छोटी उम्र में कठोर तपस्या कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया। ईश्वर की कृपा से उसे आकाश में ध्रुव तारे के रूप में अमरता प्राप्त हुई।

यह कथा यह संदेश देती है कि यदि मन में सच्ची भक्ति और अटूट विश्वास हो तो भगवान की कृपा अवश्य मिलती है।


भरत चरित्र: त्याग और भक्ति का अद्भुत उदाहरण

कथावाचक हिमेश शास्त्री महाराज भरत चरित्र इसका वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रति सच्चा प्रेम मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से मुक्त करा सकता है।

उन्होंने कहा कि भरत जी का जीवन बताता है कि जब मनुष्य अपने जीवन में ईश्वर को सर्वोच्च स्थान देता है तो वह सांसारिक बंधनों से ऊपर उठ जाता है।

इस प्रसंग से श्रद्धालुओं को सीख मिली कि भक्ति और त्याग से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।


नृसिंह अवतार: भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान का प्रकट होना

कहानी के दौरान नरसिम्हा अवतार प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक ने बताया कि जब अत्याचारी हिरण्यकशिपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की पूजा करने से रोकना चाहा तो भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर अपने भक्त की रक्षा की।

उन्होंने बताया कि भगवान सदैव अपने भक्तों के साथ रहते हैं और जब भी धर्म पर संकट आता है तो वे किसी न किसी रूप में प्रकट होकर अधर्म का अंत करते हैं।

यह घटना भक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक थी और पूरे कथा स्थल पर “नृसिंह भगवान की जय” के नारे गूंज उठे।


भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे, पूरा परिसर गूंज उठा।

मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा इस दौरान जब भगवान श्रीकृष्ण के भजन गाए गए तो श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। भजन-कीर्तन के दौरान माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया।

कई भक्त भगवान के नाम का जाप करते हुए नाचते और तालियां बजाते नजर आए। कथा स्थल पर मौजूद हर कोई इस आध्यात्मिक माहौल में पूरी तरह डूब गया।

पूरा परिसर भगवान कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा और ऐसा लग रहा था मानो पूरा वातावरण भक्ति की ऊर्जा से भर गया हो।


आरती के साथ कथा दिवस का समापन हुआ

कथा के अंत में सभी भक्तों ने भगवान की आरती में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख, समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर आयोजक मो अभिनव अग्रवाल ने बताया कि मुजफ्फरनगर श्रीमद्भागवत कथा आयोजन प्रतिदिन भक्ति एवं उत्साह के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर धर्मलाभ ले रहे हैं।


बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे

इस पावन आयोजन में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्य रूप से परमात्मा शरण अग्रवाल, प्रदीप गर्ग, किशन अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, दीप अग्रवाल, अभिनव गर्ग, कार्तिक अग्रवाल, दीपक गोयल, योगेश माहेश्वरी, अमित गर्ग, श्रुति अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, इनाक्षी अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, प्रीति टाय, रचना अग्रवाल और ममता अग्रवाल। सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

कथा सुनकर श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन हो गए और आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।


मुजफ्फरनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ने श्रद्धालुओं के मन में धर्म और भक्ति की नई चेतना जागृत की है। सनातन धर्म सभा भवन में प्रतिदिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि भगवान की कथा और भक्ति आज भी समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ने का काम कर रही है। आने वाले दिनों में भी कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था और नैतिकता का संदेश मिलता रहेगा, जिससे समाज में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का विस्तार होगा.

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