मुरादाबाद से आतंकी साजिश…हरीश अली के लैपटॉप से मिले ISIS लिंक के चौंकाने वाले सबूत!

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है. मुरादाबाद के एक निजी डेंटल कॉलेज से गिरफ्तार किए गए छात्र हरीश अली को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उन पर आईएसआईएस से जुड़े होने का आरोप है. एटीएस की लखनऊ यूनिट ने कड़ी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया और एनआईए कोर्ट से 5 दिन की रिमांड भी हासिल कर ली. शुरुआती जांच में ही इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
डॉक्टर बनने की आड़ में रच रहा था साजिश
जांच में पता चला है कि सहारनपुर का रहने वाला हरीश अली डॉक्टर बनने की आड़ में देश के खिलाफ साजिश रच रहा था. गिरफ्तारी के बाद पहले तो उसने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन जब एटीएस ने उसके लैपटॉप और मोबाइल से बरामद सबूत पेश किए तो वह टूट गया. उसने कबूल किया कि वह सीमा पार बैठे आईएसआईएस हैंडलर्स के संपर्क में था।
लैपटॉप में मिले आतंकी दस्तावेज
एजेंसी के मुताबिक, हरीश के लैपटॉप में आतंकी मॉड्यूल से जुड़े दस्तावेज और प्रतिबंधित सामग्री मिली है। वह पढ़ाई के बाद अपना ज्यादातर समय लैपटॉप पर बिताता था। हॉस्टल वार्डन और छात्रों ने भी बताया कि वह कम बोलता था और अक्सर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहता था।
विदेशी फंडिंग और हमले की साजिश का शक
जांच में यह भी पता चला है कि हरीश के बैंक खातों में पिछले कुछ महीनों में संदिग्ध विदेशी लेनदेन हुए हैं। एटीएस को शक है कि यह रकम किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी के लिए जुटाई जा रही थी. हरीश इस नेटवर्क में फंड जुटाने का काम कर रहा था.
कई जिलों में फैला नेटवर्क
हरीश का नेटवर्क सिर्फ मुरादाबाद तक ही सीमित नहीं था. उनका संपर्क सहारनपुर, मेरठ, अमरोहा और संभल तक फैला हुआ था। जांच में यह भी पता चला है कि उसके संपर्क में कई हाई-प्रोफाइल लोग थे, जो स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हैं। यूपी के बाहर के भी कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनकी तलाश जारी है.
साथियों ने पहले ही जताया था संदेह
गिरफ्तारी से पहले एटीएस ने उसके सहपाठियों से पूछताछ की थी. छात्रों ने बताया कि हरीश का व्यवहार सामान्य नहीं था और वह कट्टरपंथी बातें करता था. अब एजेंसी उनके करीबी छात्रों की भी जांच कर रही है.
रिमांड में हो सकते हैं बड़े खुलासे
फिलहाल हरीश अली 5 दिन की एटीएस रिमांड पर है. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ में उसके साथियों और स्लीपर सेल के बारे में अहम जानकारी मिलेगी. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसका अगला निशाना क्या था और उसे हथियार कहां से मिलने वाले थे.
