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यूपी पंचायत चुनाव की तारीख पर सस्पेंस, मंत्री ओपी राजभर बोले- कोर्ट के आदेश का करेंगे इंतजार

उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर इस वक्त असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पहले माना जा रहा था कि पंचायत चुनाव 2026 में होंगे और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था. राजनीतिक दलों ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन अब यह मामला कोर्ट में फंस गया है. ऐसे में चुनाव की तारीख को लेकर संशय बना हुआ है. इस बीच, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि चुनाव कब होंगे, यह कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगा.

चुनाव का भविष्य कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है.
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर 25 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई है. राज्य निर्वाचन आयोग को अपना जवाब दाखिल करना है. उन्होंने कहा कि कोर्ट जो भी फैसला देगा, उसी के मुताबिक आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी. यानी फिलहाल चुनाव की तारीख पूरी तरह से कोर्ट के फैसले पर निर्भर है.

ओबीसी गठन और मतदाता सूची पर सवाल
राजभर ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अभी तक मतदाता सूची का प्रकाशन ही नहीं हुआ है, ऐसे में आयोग का गठन कैसे हो सकता है. उन्होंने दोहराया कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे या नहीं इसका जवाब कोर्ट के आदेश से ही मिलेगा.

अखिलेश यादव पर साधा निशाना
इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव पर भी तंज कसा. उन्होंने महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”ना 9 मन गेहूं हुए, ना राधा गुने जाहीं.” उन्होंने कहा कि न तो उनकी सरकार बनने वाली है और न ही ऐसा कोई वादा पूरा होगा.

सरकार बनाने के दावों पर भी टिप्पणी करें
राजभर ने अखिलेश यादव के 2027 में सरकार बनाने के दावे को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2017 से ही सरकार बनाने की बात कर रहे हैं और 2022 में भी 400 सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि संजय निषाद उनके बड़े भाई जैसे हैं और उन्होंने खुद कहा है कि समाजवादी पार्टी में उनके समुदाय के लोगों को परेशान किया गया.

राजनीतिक माहौल में बढ़ोतरी
पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बीच राज्य का सियासी माहौल भी गर्म होता जा रहा है. सभी पार्टियां चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं, लेकिन अब सबकी नजरें 25 मार्च को होने वाली कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं. इस फैसले से ही आगे की दिशा तय होगी.

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