यूपी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं, पैनिक खरीदारी से बढ़ी मांग

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी की ताजा खबरों के बीच अब स्थिति साफ हो गई है. राज्य स्तरीय समन्वयक संजय भंडारी ने कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है. केवल 25 और 26 मार्च को घबराहट में खरीदारी के कारण मांग अचानक बढ़ गई, जिससे बिक्री सामान्य से दोगुनी हो गई। हालांकि, सप्लाई पूरी तरह सुचारू रही और तीनों तेल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
घबराहट में खरीदारी के कारण मांग बढ़ी
संजय भंडारी ने कहा कि दो दिनों की दहशत के कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदा, जिससे मांग बढ़ गई. लेकिन सप्लाई चेन में कहीं कोई रुकावट नहीं आई। उन्होंने कहा कि सिस्टम इतना मजबूत है कि जहां भी मांग बढ़ती है, वहां तुरंत टैंकर भेजकर जरूरत पूरी की जाती है.
आंकड़ों में दिखी बढ़त
26 मार्च 2026 को ईंधन आपूर्ति में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई. पेट्रोल की आपूर्ति 15 हजार किलोलीटर से बढ़कर 29 हजार किलोलीटर यानी करीब 2.9 करोड़ लीटर हो गई. वहीं, डीजल की सप्लाई 28 हजार किलोलीटर से बढ़कर 51 हजार किलोलीटर यानी 5.01 करोड़ लीटर हो गई.
लखनऊ में रिकार्ड बिक्री
26 मार्च को लखनऊ में कुल 18,64,000 लीटर ईंधन की बिक्री हुई. इसमें 10,98,000 लीटर पेट्रोल और 7,66,000 लीटर डीजल शामिल था. यह बिक्री शहर के 269 पेट्रोल पंपों से हुई, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है.
एलपीजी की मांग भी बढ़ी
एलपीजी की मांग में भी अचानक उछाल आया. 26 मार्च को 11.90 लाख सिलेंडर बुक हुए, जिनमें से 7.83 लाख की डिलीवरी हुई. सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 10 लाख बुकिंग और 7 लाख डिलीवरी का होता है.
कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित?
दो दिनों तक लखनऊ,सीतापुर,बहराइच और गोंडा में उच्च दबाव देखा गया। गोरखपुर, महराजगंज, बस्ती और अयोध्या में हालात अब सामान्य हो गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि एक-दो दिन में पूरे राज्य में स्थिति सामान्य हो जायेगी.
स्टॉक की स्थिति मजबूत
राज्य में 4.85 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं. डिस्ट्रीब्यूटर के पास डेढ़ दिन का और बॉटलिंग प्लांट के पास 4 दिन का स्टॉक है. पेट्रोल पंपों पर 4-5 दिन का स्टॉक उपलब्ध है. कुल मिलाकर 15-18 दिनों का भंडार उपलब्ध है, जबकि देश में 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है।
कंपनियां मिलकर आपूर्ति संभाल रही हैं
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर सप्लाई बनाए रख रहे हैं। ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए हर पेट्रोल पंप पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त सप्लाई भेजी जा रही है.
