राम मंदिर परिसर में सूर्य मंदिर के शिखर पर फहराया गया ध्वज, रामनवमी से पहले बढ़ी भव्यता

अयोध्या में भगवान राम लला के मंदिर परिसर में एक और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन हुआ. राम मंदिर की प्राचीर में स्थित भगवान सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया गया. रामनवमी से पहले यह आयोजन बेहद खास माना जा रहा है. यह धार्मिक अनुष्ठान अयोध्या के वरिष्ठ साधु-संतों की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ. यह ध्वजारोहण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भगवान राम के कुल के पूर्वज सूर्य देव माने जाते हैं. इस मौके पर पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा गया.
धार्मिक अनुष्ठान के साथ ध्वजारोहण हुआ
भगवान सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण अयोध्या के करीब 20 प्रमुख संतों की मौजूदगी में हुआ. पूरा कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ, जिससे माहौल पूरी श्रद्धा और भक्ति से भर गया। यह मंदिर राम मंदिर की प्राचीर में स्थित है और इसका विशेष महत्व माना जाता है।
रामनवमी से पहले विशेष आयोजन
इस ध्वजारोहण को रामनवमी से पहले एक विशेष तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. मान्यता है कि भगवान राम के जन्मोत्सव के दिन भगवान सूर्य उनका तिलक करेंगे. ऐसे में सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो गया है.
अन्य मंदिरों पर भी ध्वजारोहण हो चुका है।
इससे पहले भी राम मंदिर परिसर में कई मंदिरों के शिखर पर झंडे फहराए जा चुके हैं. 25 नवंबर 2025 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण कर मंदिर के पूरा होने का संदेश दिया था. इसके बाद 31 दिसंबर को प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रक्षा मंत्री ने माता अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया.
राम मंदिर परिसर में कुल आठ शिखर हैं
राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के मुताबिक, मंदिर परिसर में कुल आठ शिखर हैं. इनमें मुख्य मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हो चुका है। अब यह प्रक्रिया सूर्य मंदिर के शिखर पर भी पूरी हो गयी है.
पार्क में स्थित अन्य मंदिरों का महत्व
राम मंदिर की प्राचीर में शिव मंदिर, गणेश मंदिर, हनुमान मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, सूर्य मंदिर और शेषावतार मंदिर सहित कई अन्य मंदिर स्थित हैं। इन सभी मंदिरों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है और यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।
