लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में हिजाब को लेकर विवाद, डिजिटल क्रिएटर के वीडियो के बाद बहस तेज

बड़ा इमामबाड़ा घूमने आए एक डिजिटल क्रिएटर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद हिजाब और ड्रेस कोड को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. डिजिटल क्रिएटर मान्या सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो शेयर कर दावा किया है कि वह अपने दोस्तों के साथ लखनऊ घूमने आई थीं. इसी दौरान उन्होंने बड़ा इमामबाड़ा देखने का फैसला किया. मान्या के मुताबिक, उन्होंने टिकट लेकर परिसर में प्रवेश किया था, लेकिन प्रवेश के समय ड्रेस कोड या हिजाब के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया था।

इमामबाड़ा परिसर में हिजाब को लेकर बहस
मान्या सिंह ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि जैसे ही वह इमामबाड़ा परिसर के अंदर पहुंचीं, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उन्हें हिजाब के बिना यहां घूमने की इजाजत नहीं है. जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो लोगों ने उन्हें घूरकर देखा और कहा कि यहां बिना सिर ढके रहना मना है. मान्या का कहना है कि कुछ लोगों ने उन्हें परिसर छोड़ने के लिए भी कहा। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने हिजाब पहनने से इनकार कर दिया तो वहां मौजूद लोगों ने अपनी टीम के एक सदस्य को भेजा और उन्हें कहीं से स्कार्फ लाकर सिर ढकने को कहा. मान्या के मुताबिक, कुछ देर बाद एक शख्स सीधे उनके पास आया और उन्हें अपनी शर्ट के बटन बंद करने की सलाह दी. उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह उनका निजी पहनावा है और उन्हें क्या पहनना चाहिए, यह तय करने का अधिकार किसी को नहीं है.

पोस्टरों को लेकर भी आरोप लगाए गए
मान्या सिंह ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया कि इमामबाड़ा परिसर के बाहर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं. उनका कहना है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनसे इन पोस्टरों पर पैर रखकर अंदर जाने को कहा. हालांकि मान्या ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि इस घटना के बाद वहां का माहौल और असहज हो गया.

मौलाना कल्बे जव्वाद ने नियमों का पालन करने की बात कही
इस पूरे मामले पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हर धार्मिक स्थल के अपने नियम और परंपराएं होती हैं, जिनका सम्मान करना जरूरी है. मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि इमामबाड़ा एक धार्मिक स्थल है और यहां बिना सिर ढके घूमना मना है. इसलिए अगर किसी को हिजाब पहनने के लिए कहा जाए तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह कई मंदिरों में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, उसी तरह अलग-अलग धार्मिक स्थलों के अपने नियम हैं और वहां आने वाले लोगों को उनका पालन करना चाहिए।

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