स्वामी कल्याण देव बघरा डिग्री कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम: एएचटी टीम ने छात्रों को मानव तस्करी, साइबर अपराध और कानून के बारे में दी जानकारी

मुजफ्फरनगर जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत स्वामी कल्याण देव बघरा डिग्री कॉलेज में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) टीम ने विद्यार्थियों को मानव तस्करी, साइबर अपराध, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा कानूनी अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की.

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को समाज में बढ़ती चुनौतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें जिम्मेदार और सतर्क नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर जानकारी प्राप्त की।


विद्यार्थियों को मानव तस्करी के खतरों से अवगत कराया गया

मुज़फ्फरनगर जागरूकता कार्यक्रम इस दौरान एएचटी थाने से सब इंस्पेक्टर जगत सिंह छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मानव तस्करी किसी व्यक्ति को जबरन कहीं ले जाने तक सीमित नहीं है. कई बार लोग झूठे वादे, लालच या दबाव उन्हें गलत गतिविधियों में भी धकेला जाता है.

उन्होंने छात्रों को चेतावनी दी कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।


महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

कार्यक्रम में एएचटी टीम के सदस्य हेड कांस्टेबल अमरजीत सिंह ने भी छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि मानव तस्करी एवं महिला अपराध को रोकने में समाज के जागरूक नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध घटना को नजरअंदाज न करें और इसकी तुरंत सूचना दें।


कानूनी अधिकारों के बारे में दी जानकारी

कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी गौरव मलिक साथ ही विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को कानून द्वारा अनेक अधिकार प्राप्त हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अन्याय का शिकार है विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता पा सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कानून के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में न्याय एवं समानता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।


प्राचार्य ने कार्यक्रम की सराहना की

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय द्वारा की गई प्राचार्य डॉ. बृज गोपाल शर्मा इसे करें। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी हैं।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी विद्यार्थियों को ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती रहेगी, ताकि वे समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभा सकें।


एनएसएस की भूमिका पर प्रकाश डाला

कार्यक्रम के दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. फरहाना राणा सभी अतिथियों एवं एएचटी टीम के सदस्यों को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं क्योंकि इससे उन्हें समाज में मौजूद समस्याओं और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में जानकारी मिलती है।

उन्होंने ये भी कहा एनएसएस का उद्देश्य केवल सेवा कार्यों तक ही सीमित नहीं है।बल्कि युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है।


कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे

मुज़फ्फरनगर जागरूकता कार्यक्रम इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि धनीराम और AHTU से हेड कांस्टेबल रूबी भी मौजूद थे.

इसके अलावा कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉलेज टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में विपीन कुमार, रश्मी तायल, दुष्यन्त मलिक, रोजी शर्मा, वन्दना, धीरज, सलेना और डॉ. विनीत कुमार कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।


विद्यार्थियों ने जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर छात्रों ने मानव तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने और सतर्क रहने का संकल्प भी लिया।


स्वामी कल्याण देव बघरा डिग्री कॉलेज में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम ने छात्रों को सामाजिक और कानूनी मुद्दों के बारे में जागरूक करने का महत्वपूर्ण काम किया। विशेषज्ञों और अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी ने न केवल युवाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रेरित किया। ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी युवाओं को जागरूक एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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