‘लाल टोपी और सिलेंडर से डरती है बीजेपी’ शिखर सम्मेलन-2026 में अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

समिट-2026 कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने एलपीजी सिलेंडर से लेकर विदेश नीति और कानून व्यवस्था तक कई मुद्दों पर सवाल उठाए. अखिलेश यादव ने कहा कि आज आम आदमी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से परेशान है और लोग इसे ‘गायब गैस’ कहने लगे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है. उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है.
एलपीजी और महंगाई पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी लाल टोपी और लाल सिलेंडर से डरती है. उन्होंने एलपीजी की कीमतों और वजन को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि पहले बोरा चोरी हुआ, फिर 14 किलो का सिलेंडर 10 किलो का कर दिया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि सरकार लोगों से रोटी का आकार भी छोटा करने को कहे. उन्होंने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताया.
विदेश नीति और युद्ध पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश को ‘विश्व गुरु’ बनाने का सपना दिखाया गया था, लेकिन अगर ऐसा होता तो भारत युद्ध रोकने में सक्षम होता. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर हैं, लेकिन हालात को देखते हुए बेहतर कूटनीतिक कदम उठाए जा सकते थे. उन्होंने कहा कि अगर भारत ने मजबूत भूमिका निभाई होती तो युद्ध टाला जा सकता था.
विपक्षियों पर कार्रवाई से नाराजगी
उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने कहा था कि युद्ध के दौरान कुछ लोग राजनीति कर रहे थे. अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सरकार झूठे मुकदमों में फंसाकर विपक्ष को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार न्याय नहीं दे पा रही है तो विपक्ष से सवाल पूछना गलत है.
कानून-व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर भी हमला
वाराणसी की एक घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिस शहर को क्योटो बनाने की बात हो रही थी, वहां अपराध बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार कोई अच्छा फैसला लेती है तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा, लेकिन झूठे दावे स्वीकार नहीं किये जायेंगे. उन्होंने किसानों और विदेश नीति के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि देश को मजबूती से खड़ा होना होगा.

