लखनऊ में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक, ईरान की जीत पर जताई खुशी, अमेरिका-इजराइल पर साधा निशाना

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक आज शिया डिग्री कॉलेज, विक्टोरिया स्ट्रीट, लखनऊ के परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध पर विस्तार से चर्चा हुई. बोर्ड के अधिकारियों ने 40 दिनों के युद्ध में ईरान की जीत पर खुशी जताई और इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया. बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद सईम मेहदी नकवी और महासचिव मौलाना यासूब अब्बास समेत कई सदस्य मौजूद रहे. इस दौरान कई अहम बयान भी सामने आए.
ईरान की जीत पर जताई खुशी
बैठक के दौरान बोर्ड ने युद्ध में जीत हासिल करने पर ईरान के लोगों और उसके नेतृत्व को बधाई दी। महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह जीत दिखाती है कि ईरान अब दुनिया की उभरती हुई महाशक्ति बन रहा है. उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ सैन्य शक्ति की नहीं बल्कि विचारधारा और धैर्य की भी जीत है.
मानवता और कानून का पालन करने का दावा
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि युद्ध के दौरान ईरान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता का सम्मान किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने कभी भी स्कूलों और अस्पतालों को निशाना नहीं बनाया. उनके मुताबिक, ईरान ने कुरान, पैगंबर मोहम्मद और अहलुलबैत के दिखाए रास्ते पर चलकर यह सफलता हासिल की है।
अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि
बैठक में आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. मौलाना ने कहा कि दुनिया उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भूलेगी. उन्होंने कहा कि उन्होंने शक्तिशाली देशों के सामने झुकने से इनकार कर दिया और अपने सिद्धांतों पर कायम रहे. साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वह ईरान को खत्म करने की बात कर रहे थे, लेकिन अब युद्धविराम की शर्तों पर विचार कर रहे हैं.
अमेरिका और इजराइल पर आरोप
बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सईम मेहदी नकवी ने कहा कि युद्ध के दौरान अमेरिका और इजराइल ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन नहीं किया और कई निर्दोष लोगों की जान चली गई. उन्होंने खासतौर पर संघर्ष में मारे गए स्कूली बच्चों को श्रद्धांजलि दी।
ईरान को शांतिप्रिय राष्ट्र बताया
बैठक में यह भी कहा गया कि ईरान एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन उस पर जबरन युद्ध थोपा गया. इसके बावजूद, ईरान ने धैर्य और ताकत के साथ लड़ाई लड़ी और अंततः विजयी हुआ। बोर्ड ने कहा कि यह जीत सिर्फ अमेरिका और इजराइल की ही हार नहीं है, बल्कि उन देशों की भी हार है, जिन्होंने उनका समर्थन किया था.
(रिपोर्ट: संदीप शुक्ला, लखनऊ)

