मीरापुर में विश्व प्रसिद्ध शीतला माता बाबारेवाली मेले का भव्य शुभारंभ, हजारों श्रद्धालुओं की ध्वज यात्रा से गूंजा पूरा मुजफ्फरनगर क्षेत्र।
शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर रविवार को ध्वज स्थापना के साथ भव्य उद्घाटन किया गया। शहर के पड़ाव चौक से शुरू हुई भव्य झंडा जुलूस में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह व भक्तिभाव से भाग लिया. बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर माता रानी के भजनों के साथ श्रद्धालु नाचते-गाते मंदिर पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक हर्षोल्लास का माहौल बन गया।
मुज़फ़्फ़रनगर मीरापुर कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विश्व प्रसिद्ध प्राचीन श्री शीतला माता बाबरे वाली मंदिर हर साल लगने वाला सात दिवसीय मेला इस बार भी भक्ति और आस्था के माहौल में शुरू हुआ। झंडा स्थापना के साथ ही 8 मार्च से 13 मार्च तक चलने वाले इस धार्मिक मेले का विधिवत उद्घाटन हो गया.
ध्वज यात्रा के साथ मेले की परम्परागत शुरूआत
शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर रविवार सुबह शुरुआत मंदिर समिति के महासचिव इं अनिरुद्ध शारदा पाप चौक स्थित आवास से हुई. सबसे पहले यहां माता रानी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद भव्य ध्वज यात्रा निकाली गयी, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गयी.
ध्वजा यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में झंडे लेकर देवी मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। बैंड-बाजे और डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों ने पूरे माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी माता रानी के भजनों पर नृत्य करते हुए मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए।
हजारों श्रद्धालुओं ने पैदल ही मंदिर तक का रास्ता तय किया।
ध्वज यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु पैदल चलकर मंदिर पहुंचे। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति और उत्साह साफ नजर आ रहा था. इस यात्रा में कई श्रद्धालु अपने परिवार सहित शामिल हुए और माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर इस फ्लैग मार्च से पूरे क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा का संचार हो गया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया।
ध्वज स्थापना के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की गयी
मंदिर परिसर में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने ध्वज स्थापित किया। इसके बाद मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गयी और माता शीतला से क्षेत्र की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की गयी.
ध्वज स्थापना के साथ शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करेंगे और अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करेंगे।
मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है।
मंदिर समिति के महासचिव मो अनिरुद्ध शारदा बताया कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व का है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है.
ऐसा कहा जाता है कि पांडव पुत्र बभ्रुवाहन, अर्जुन का पुत्र यहां कठोर तपस्या की थी और माता शीतला का आशीर्वाद प्राप्त किया था। तभी से यह स्थान भक्तों के लिए बहुत पवित्र माना जाता है।
इस कारण इसका ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व है शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर यह दूरदराज के इलाकों में भी मशहूर है और हर साल हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
सप्तमी, अष्टमी और नवमी को भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
विशेषकर मंदिर मेले के दौरान। सप्तमी, अष्टमी और नवमी इस दिन भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इन दिनों भक्त माता शीतला को प्रसाद चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से माता शीतला की पूजा करने से जीवन की कठिनाइयों का समाधान मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
इसी विश्वास के साथ हर साल शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.
मेले में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी
सात दिनों तक चलने वाले इस मेले के दौरान मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा. भजन-कीर्तन, विशेष पूजा और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेंगे।
मेले के दौरान यह क्षेत्र स्थानीय दुकानों और स्टालों के कारण भी जीवंत हो जाता है। मेले में श्रद्धालु धार्मिक सामग्री, खिलौनों और विभिन्न खाद्य पदार्थों का भी आनंद लेते हैं।
फ्लैग मार्च में कई प्रमुख लोग शामिल थे
शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर झंडा मार्च में कई सामाजिक व धार्मिक हस्तियां भी शामिल हुईं. मुख्य रूप से अनिरुद्ध शारदा, नवनिध शारदा, रुचिन शारदा, चंद्रपाल सिंह, श्रीमती मधु कौशिक, रुचि बेंगलुरु, सुचि माहेश्वरी, मास्टर नितिन शर्मा, पंकज ऐरन पत्रकार, राहुल शर्मा पत्रकार, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण शर्मा, अभिषेक गर्ग, विकास कौशिक, प्रधुम्न शर्मा, विभोर डागा, राजन माहेश्वरी, कमल गोयल, सुशील लखोटिया, आदर्श कौशिक, मुकेश शारदा, नीरज शारदा, मंजू शारदा, सरिता, करण ठाकुर और मयंक धीमान उनके समेत कई लोग मौजूद थे.
इन सभी ने ध्वज यात्रा में शामिल होकर माता रानी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और मेले के सफल आयोजन की कामना की.
धार्मिक आस्था और परंपरा का अनोखा संगम
शीतला माता बाबरे वाली मेला मीरापुर यह न केवल एक धार्मिक आयोजन है बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मेला लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक और धार्मिक एकता का संदेश देता है।
हर साल इस मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और माता शीतला के दर्शन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। यह मेला स्थानीय लोगों के लिए एक बड़े त्यौहार के रूप में भी मनाया जाता है।






