वाराणसी में ATS की बड़ी छापेमारी… मुंबई से पहुंची टीम ने डॉक्टर के घर मारा छापा, 19 साल के बेटे पर आतंकी कनेक्शन का शक

वाराणसी समाचार: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार की सुबह अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब यूपी और महाराष्ट्र एटीएस की संयुक्त टीम आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला पहुंची. इस कार्रवाई के दौरान टीम ने एक डॉक्टर के परिवार को हिरासत में लिया और उनसे काफी देर तक पूछताछ की. बताया जा रहा है कि मामला डॉक्टर के 19 साल के बेटे अबू बकर से जुड़ा है, जो NEET की तैयारी कर रहा है. एक कश्मीरी हैंडलर से संबंध रखने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में उनकी जांच की गई थी. इस दौरान घर के मोबाइल फोन और लैपटॉप की भी तलाशी ली गई.
ATS और IB की संयुक्त जांच, 8 घंटे तक चली पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, मौके पर महाराष्ट्र और यूपी एटीएस के साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम भी मौजूद है. करीब एक दर्जन अधिकारियों ने परिवार से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की. टीम सुबह 10 बजे पहुंची थी और दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच के बाद शाम करीब 6 बजे लौट गई। इस दौरान डॉ. आरिफ, उनके बेटे अबू बकर और परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल और लैपटॉप की गहनता से जांच की गई।
वॉट्सऐप चैट और कश्मीरी हैंडलर से लिंक का शक
जांच एजेंसियों को शक है कि अबू बकर का वॉट्सऐप चैट के जरिए किसी कश्मीरी हैंडलर से संपर्क हुआ था. आरोप है कि वह ऐसे लोगों के संपर्क में था जो पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. इसी डिजिटल लिंक की जांच के बाद यह छापेमारी की गई. टीम अब चैट और ऑनलाइन गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।
जांच के दायरे में नीट की तैयारी कर रहे छात्र
अबु बकर नीट की तैयारी करने वाला छात्र है. स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शांत स्वभाव का और पढ़ाई में अच्छा माना जाता है. उनका नाम कभी भी किसी तरह के विवाद या लड़ाई-झगड़े में नहीं आया. ऐसे में उन पर लगे आरोपों ने सभी को हैरान कर दिया है. इस हरकत से परिवार भी सदमे में है.
टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े तार, मुंबई FIR से शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, मुंबई में दर्ज एक एफआईआर की जांच के दौरान एटीएस को अबू बकर का नाम मिला. जांच में एक संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप का भी पता चला, जिसकी एक आईडी कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एटीएस की टीम वाराणसी पहुंची. अब परिवार को 22 अप्रैल को महाराष्ट्र एटीएस के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।
