अयोध्या में गैस सिलेंडर की कमी, इंडक्शन चूल्हे की ओर रुख कर रहे लोग

अयोध्या में इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी कमी है. गैस नहीं मिलने के कारण लोगों को दैनिक कार्यों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर खाना बनाने में कई परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के कई इलाकों में लोग गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में लोग दूसरे विकल्प तलाशने को मजबूर हैं. घर में हर दिन खाना बनाना जरूरी है, इसलिए परिवार किसी भी तरह से इस समस्या का समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
इंडक्शन चूल्हे की मांग अचानक बढ़ गई
गैस सिलेंडर की कमी का असर अब बाजार में साफ दिखने लगा है। इन दिनों शहर के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे की मांग तेजी से बढ़ी है। दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां एक दिन में 1 से 2 इंडक्शन चूल्हे ही बिकते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 30 से 35 तक पहुंच गई है. दुकानदारों के मुताबिक, जब से गैस की कमी शुरू हुई है, लोग तेजी से इंडक्शन चूल्हे खरीद रहे हैं. पहले इनकी बिक्री बहुत कम होती थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में ग्राहक इन्हें खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं.
महिलाओं ने बताई अपनी मजबूरी
इंडक्शन चूल्हा खरीदने आईं कई महिलाओं ने कहा कि मजबूरन उन्हें यह विकल्प अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है, इसलिए घर में खाना बनाने के लिए इलेक्ट्रिक चूल्हा खरीदना पड़ रहा है. महिलाओं ने बताया कि घर में रोजाना खाना बनाना जरूरी है और गैस नहीं होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में इंडक्शन चूल्हा ही एकमात्र विकल्प नजर आता है, जिससे घर का काम किसी तरह चलाया जा सके।
गांवों में फिर से मिट्टी के चूल्हे जलने लगे
गैस की कमी का असर सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी दिख रहा है. गांवों में कई परिवार फिर से पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे का सहारा लेने लगे हैं। लोग लकड़ी जलाकर खाना बना रहे हैं ताकि घर का काम चलता रहे. फिलहाल गैस आपूर्ति सामान्य होने तक लोगों को इन्हीं वैकल्पिक तरीकों का सहारा लेना होगा. शहरों में इंडक्शन चूल्हे की मांग बढ़ रही है, वहीं गांवों में पारंपरिक चूल्हे एक बार फिर इस्तेमाल में आने लगे हैं।
