थाने में क्रूरता की हदें पार, पिटाई इतनी की कि कान का पर्दा फट गया…आरोपी इंस्पेक्टर सस्पेंड

उत्तर प्रदेश समाचार: उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां घरेलू विवाद की शिकायत पर पुलिस ने युवक को चौकी में बुलाया और फिर बेरहमी से पीटा. इस मारपीट में युवक के कान का पर्दा फट गया, जिससे उसे सुनने में दिक्कत हो रही है. मामला शास्त्री नगर थाना क्षेत्र का है, जहां घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की है और दोषी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है.
पूरा मामला घरेलू विवाद से शुरू हुआ
जानकारी के मुताबिक, शास्त्री नगर इलाके में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह अपने छोटे बेटे के साथ रहती है. उनका बड़ा बेटा दूसरे शहर में काम करता है. महिला की तबीयत खराब होने के कारण छोटा बेटा उसके कमरे में सोता था। इसी बात को लेकर बेटे और बहू के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद बहू ने शास्त्री नगर थाने में शिकायत दर्ज करायी.
पुलिस चौकी में युवक को बेरहमी से पीटा गया
मंगलवार को पुलिसकर्मी युवक के घर पहुंचे, लेकिन उस वक्त वह घर पर नहीं था. शाम को जब वह घर लौटा तो पुलिस ने उसे थाने बुलाया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि चौकी पर पहुंचते ही प्रभारी पवन मिश्रा ने अन्य पुलिसकर्मियों इंस्पेक्टर अरुण त्रिवेदी, राजू खरवार, जसवन्त सिंह और सुमित सिंह चौहान के साथ मिलकर युवक की जमकर पिटाई कर दी. इस हमले से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी पीठ और कमर पर नीले निशान पड़ गए.
डॉक्टर की जांच में गंभीर चोट का पता चला
जब युवक की बुजुर्ग मां चौकी पहुंची तो बेटे की हालत देखकर हैरान रह गई। वह तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गए। जांच में पता चला कि पिटाई के कारण युवक के एक कान का पर्दा फट गया था, जिससे उसकी सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ा.
जांच के बाद चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया
मामले की शिकायत मिलने पर एसीपी स्वरूप नगर शिखर ने दोनों पक्षों से पूछताछ की. जांच में चौकी प्रभारी पवन मिश्रा दोषी पाए गए। इसके बाद डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दे दिए.
अधिकारियों का बयान और आगे की कार्रवाई
डीसीपी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा करना है न कि निर्दोष लोगों को परेशान करना. इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं.



