मुजफ्फरनगर जिले में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में आ गयी है. मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के दौरान एक वांछित आरोपी घायल हो गया, जबकि उसके साथी को पुलिस ने पकड़ लिया. इस कार्रवाई में पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है.
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई, जिसमें अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर एक बड़ी घटना को होने से पहले ही रोक दिया गया. पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक व्यवसायी की हत्या की साजिश नाकाम हो गयी.
मुजफ्फरनगर पुलिस मुठभेड़ में बदमाश घायल
घटना मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यापारी से रंगदारी मांगने वाले अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बम्हेड़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन के किनारे मौजूद हैं.
सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने देखा कि दो संदिग्ध व्यक्ति रेलवे लाइन के पास खड़े हैं. जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची तो दोनों बदमाश घबरा गए और जंगल की ओर भागने लगे.
भागते हुए बदमाश पेड़ों के नीचे छिप गए और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग से पुलिस टीम बाल-बाल बच गई. पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और पुलिस पर फिर से गोलीबारी शुरू कर दी.
इसके बाद पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया जबकि दूसरे को पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया.
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये बदमाशों की पहचान इस प्रकार हुई है.
पुलिस ने तुरंत घायल आरोपी प्रताप चौधरी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
अवैध हथियार व कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों की तलाशी ली, जिसमें उनके पास से अवैध हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास ये चीजें थीं:
बरामद कर लिया गया है. पुलिस अब इन मोबाइल फोन के जरिए पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित अपराधियों की तलाश कर रही है.
10 लाख रुपये की रंगदारी और हत्या की सुपारी का मामला
यह मामला तब सामने आया जब राजीव जैनजैन पुत्र धर्मचंद्र जैन निवासी पटेल नगर थाना नई मंडी मुजफ्फरनगर ने पुलिस को लिखित शिकायत दी।
उसने बताया कि एक मोबाइल नंबर 7078605136 उसे लगातार फोन कर जान बचाने के नाम पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी 10 लाख रुपये की रंगदारी माँगा जा रहा था.
शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस एमओ नंबर 51/2026 अंतर्गत धारा 308(5) एवं 351(4) बी.एन.एस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों का पता लगाया.
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तारी के बाद की गई शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कई सनसनीखेज खुलासे किए.
आरोपियों ने बताया कि वे दोनों लोगों को मारने की सुपारी लेने का काम करते हैं. घायल आरोपी प्रताप चौधरी ने पुलिस को बताया कि जब वह जेल में था तो उसकी मुलाकात उससे हुई थी. अतुल कुमार नामक व्यक्ति के साथ हुआ था।
अतुल कुमार ने उन्हें बताया राजीव जैन की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी.. इसके बाद दोनों आरोपियों ने योजना बनाई और पहले कारोबारी को डराने के लिए फोन पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी.
उन्होंने यह भी बताया कि 4 मार्च 2026 को उन्होंने राजीव जैन को फोन कर धमकी दी थी और अब वे दोनों हत्या करने का मौका ढूंढ रहे थे.
लेकिन इससे पहले ही पुलिस को सूचना मिल गई और मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरा ऑपरेशन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चलाया गया.
कार्रवाई निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा निर्देशित थी:
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अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ
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पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र, सहारनपुर
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा
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पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत
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सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा
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प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन आशुतोष कुमार सिंह
इन अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.
मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम
इस कार्रवाई में सिविल लाइन थाने की टीम ने अहम भूमिका निभाई. मुठभेड़ एवं गिरफ्तारी में शामिल पुलिसकर्मी इस प्रकार थे:
पुलिस अधिकारियों ने टीम के साहस और तत्परता की सराहना की है.
मुजफ्फरनगर पुलिस एनकाउंटर के बाद जांच तेज हो गई है
मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की सुपारी देने वाला अतुल कुमार कहां है और क्या उसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है.
इसके साथ ही आरोपी मो फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक उनसे यह भी पूछताछ की जा रही है कि वे पहले किन-किन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं.
पुलिस मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की दिशा में काम कर रही है.
अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठित अपराध, जबरन वसूली और सुपारी हत्या जैसे मामलों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
खासकर व्यवसायियों और आम नागरिकों को धमकी देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है. इस मुठभेड़ ने यह साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ पुलिस किसी भी स्तर पर कार्रवाई करने को तैयार है.
मुज़फ़्फ़रनगर में इस पुलिस मुठभेड़ ने एक संभावित हत्या को होने से पहले ही रोक दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से दो खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया और एक व्यवसायी की जान बचा ली गयी. अब पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि हत्या की सुपारी देने वाले मास्टरमाइंड समेत पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके और जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत किया जा सके.