मुजफ्फरनगर में महावीर जयंती का त्यौहार इस वर्ष अत्यंत भव्यता, अनुशासन और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। देवाधिदेव विश्वप्रभु भगवान श्री 1008 महावीर स्वामी की 2626वीं जयंती पर नई मंडी चौरी गली स्थित जैन मंदिर से विशाल रथयात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी देखी गई। यह जुलूस मुजफ्फरनगर के प्रमुख बाजारों और सड़कों से गुजरते हुए पूरे माहौल को धर्ममय बना दिया।
चैत्र शुक्ल त्रयोदशी सोमवार 30 मार्च 2026 को आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल उपस्थित थे। उनके आगमन पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने पटका पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।
भक्ति की धारा के बीच अलौकिक रथयात्रा निकली
नई मंडी जैन मंदिर से शुरू हुई रथ यात्रा चौरी गली, गौशाला रोड, बिंदल बाजार रोड, वकील रोड, संजय मार्ग, पटेल नगर, मुनीम कॉलोनी, घेरखट्टी, पीठ बाजार और पुरानी गुरु रोड सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरी और फिर से मंदिर परिसर में समाप्त हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान महावीर का स्वागत किया और भक्ति गीतों की ध्वनि से पूरा शहर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया.
रथ यात्रा में शामिल आकर्षक झाँकियों में भगवान महावीर के जीवन के विभिन्न प्रेरक प्रसंगों को जीवंत किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को उनके आदर्शों और संदेशों को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने सम्मानित किया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आये मंत्री कपिलदेव अग्रवाल का मंदिर समिति की ओर से पारंपरिक सम्मान किया गया. उन्होंने भगवान महावीर के सिद्धांतों को वर्तमान समाज के लिए बेहद प्रासंगिक बताते हुए कहा कि अहिंसा, करुणा और सत्य का मार्ग ही मानवता को स्थायी शांति प्रदान कर सकता है।
उन्होंने जैन समाज की सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में नैतिकता एवं सद्भावना मजबूत होती है।
शुरुआत पूजन, जलाभिषेक और शांतिधारा से हुई
सुबह महावीर पूजन, जलाभिषेक, शांतिधारा और प्रक्षाल के साथ भगवान महावीर जन्म महोत्सव की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक पूजा की गई। टीकमगढ़ से आए विद्वान पंडित के निर्देशन में वर्धमान विधान का संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने श्रद्धालुओं के मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री भारत भूषण जी महाराज ने भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मा की शुद्धि से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है. उन्होंने अहिंसा और “जियो और जीने दो” के सिद्धांतों की विस्तृत व्याख्या की और समाज को नैतिक जीवन अपनाने का संदेश दिया।
शोभा यात्रा में तीन दिव्य रथ श्रद्धा का केंद्र बने
रथयात्रा में तीन विशेष रथों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा. प्रथम रथ में भगवान महावीर विराजमान थे, जिसमें रूपेंद्र जैन परिवार को यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कुबेर बनने का पुण्य सौरभ जैन सभाषद और चंद्रबोस जैन को मिला, जबकि सारथी बनने का सौभाग्य पवन जैन कुरालसी को मिला।
दूसरे रथ में जिनवाणी ले जाने का सौभाग्य सुनील जैन ठेकेदार परिवार को मिला। कुबेर बनने का पुण्य बैंक के पंकज जैन गोटे एवं अविरल जैन को तथा सारथी बनने का सौभाग्य अद्वितीय कमीशन एजेंट परिवार शिखर चंद जी को प्राप्त हुआ।
तीसरे रथ पर यंत्र जी ले जाने का सौभाग्य विपिन जैन परिवार को प्राप्त हुआ। कुबेर बनने का पुण्य यश जैन एवं आलोक जैन परिवार को तथा सारथी बनने का सौभाग्य श्री विजय जैन अरिहंत परिवार को प्राप्त हुआ।
बैंड-बाजे और झांकियों से भक्तिमय समागम हुआ।
दिल्ली, सहारनपुर, शामली, मेरठ और खतौली से आए बैंड-बाजों और संगीतकारों ने भक्ति धुनों से माहौल को आनंदमय बना दिया। जुलूस में शामिल सुंदर झांकियों में भगवान महावीर के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का चित्रण किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
रथ के आगे साधर्मी बंधुओं एवं स्कूली बच्चों द्वारा किये गये नृत्य एवं भक्ति कार्यक्रमों ने जुलूस को और अधिक आकर्षक बना दिया।
सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना की अनूठी मिसाल
जुलूस मार्ग पर विभिन्न व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान, आइसक्रीम, जलजीरा एवं पांच मेवे का वितरण किया गया। यह सेवा और सहयोग की भावना का सुन्दर उदाहरण था।
घोड़ा-गाड़ियों और पारंपरिक धार्मिक झांकियों ने जुलूस की भव्यता को और बढ़ा दिया। पूरा शहर अहिंसा और सद्भाव के संदेश से गूंज उठा।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शोभा यात्रा का भव्य समापन हुआ
शोभा यात्रा खतौली के कुंदकुंद जैन इंटर कॉलेज के प्रांगण में पहुंची, जहां भगवान का विधिवत जलाभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को जैन मंडी स्थित पार्श्वनाथ मंदिर में विराजमान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट भोजन की भी व्यवस्था की गयी.
इस अवसर पर सुशील जैन, हंस कुमार जैन, सुनील जैन, प्रदीप जैन, बालेश्वर जैन, संजय जैन दादरी, अरुण जैन, नीरज जैन, मुकेश आढ़ती, कल्पेंद्र जैन, मनोज आढ़ती, वैभव जैन, संजीव जैन, पीयूष जैन, ऋषभ जैन, मुकुल जैन, अजय जैन, प्रीति जैन, बबीता जैन, दर्शिता जैन, स्वाति जैन, अलका जैन और मनीषा जैन सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक एकता का प्रेरक पर्व
मुजफ्फरनगर, महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित यह भव्य रथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं थी, बल्कि समाज में अहिंसा, संयम, करुणा और सह-अस्तित्व के संदेश को मजबूत करने का एक प्रेरक अवसर भी बनी। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के जीवन आदर्शों से प्रेरित होकर सामाजिक समरसता एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता से सराबोर नजर आया.