रुद्रप्रयाग: चुपचाप अपनी मां के पीछे जंगल की ओर चला मासूम मयंक लापता, दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग

जिले के बरब मल्ला गांव में चार साल के मासूम मयंक के लापता होने से पूरे इलाके में गहरी चिंता और बेचैनी का माहौल है. घटना के दूसरे दिन रविवार को पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक बच्चे का कोई पता नहीं चला.

कोतवाली अगस्त्यमुनि प्रभारी निरीक्षक गुमान सिंह नेगी ने बताया कि घटना के बाद से लगातार सर्च अभियान जारी है। ड्रोन की मदद से जंगलों, खाईयों और दुर्गम इलाकों में सघन तलाशी ली जा रही है लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है.

इस बीच भारी बारिश के बावजूद बचाव दल लगातार ऑपरेशन में जुटे हुए हैं. उधर, मासूम बच्चे के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मां मनीषा देवी और पिता विजय लाल का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्राम प्रधान अंजना देवी के नेतृत्व में महिलाएं, बुजुर्ग व युवा सुबह से ही खोजबीन में जुटे हैं और हर संभावित स्थान पर तलाश जारी है. समय बीतने के साथ चिंता लगातार गहराती जा रही है.

जंगली जानवरों द्वारा आतंक मचाया जाता है

इन दिनों पहाड़ों में जंगली जानवरों का आतंक है। मवेशियों को तो ये निवाला बना ही रहे हैं, अब भालू बस्तियों में पहुंच कर आम लोगों पर हमला कर रहे हैं. मासूम मयंक की तलाश के लिए जंगलों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जो शनिवार को चुपचाप अपनी मां के पीछे-पीछे जंगल की ओर चला गया था. चूंकि यह मासूम अभी तक नहीं मिला है, इसलिए यह आशंका बढ़ गयी है कि कहीं वह भी जंगली जानवरों का शिकार न हो गया हो.

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