मुजफ्फरनगर: छपार साइबर हेल्पडेस्क की बड़ी सफलता, साइबर ठगी के शिकार पीड़ित के खाते में वापस आये 1.75 लाख रुपये
ज़िला मुजफ्फरनगर छपार थाना क्षेत्र में साइबर क्राइम के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर हेल्पडेस्क थाना छपार की प्रभावी एवं त्वरित कार्यवाही से ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी रकम 1,75,000 रूपये सुरक्षित उसके बैंक खाते में वापस आ गयी। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस की सक्रियता और विश्वास भी मजबूत हुआ. 💻🚨
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्रभावी साइबर अपराध नियंत्रण अभियान चलाया गया
साइबर अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो. संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जिले भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ थाना छपार पुलिस की सघन निगरानी में साइबर हेल्पडेस्क टीम लगातार सक्रियता से कार्य कर रही है।
पुलिस की इसी सतर्कता एवं तकनीकी समन्वय के परिणामस्वरूप साइबर ठगी के मामले में पीड़ित को पूरी रकम वापस दिलाने में सफलता मिली, जो जिले में साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू हो गयी
छपार थाना क्षेत्र के गांव सिंभालकी निवासी राम कुमार शर्मा ने 14 अक्टूबर 2025 को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी कर उनके खाते से 1,75,000 रुपये निकाल लिये.
शिकायत मिलते ही साइबर हेल्पडेस्क टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत तकनीकी प्रक्रिया शुरू की और संबंधित बैंकिंग चैनलों के साथ समन्वय किया। लगातार प्रयास के बाद पूरी रकम पीड़ित के खाते में सुरक्षित वापस आ गई।
इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की तत्परता का स्पष्ट संदेश गया है.
पीड़ित परिवार ने पुलिस का आभार जताया
पैसे वापस मिलने के बाद पीड़ित राम कुमार शर्मा और उनके परिवार ने राहत की सांस ली. उन्होंने पुलिस की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार जताया।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस कार्रवाई को सराहनीय बताया और कहा कि इस तरह की सफल पहल से आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होता है. ग्रामीण इलाकों में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच यह कार्रवाई एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरी है.
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच सतर्कता बेहद जरूरी है
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. फर्जी लिंक, आकर्षक ऑफर, लॉटरी मैसेज और केवाईसी अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले मैसेज के जरिए आम लोगों को निशाना बनाया जाता है.
ऐसे में लोग अक्सर जल्दबाजी या लालच में लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनकी बैंकिंग जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है और आर्थिक नुकसान होता है।
“डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर धोखाधड़ी के नये तरीके से सावधान रहें
हाल के दिनों में साइबर अपराधियों द्वारा “डिजिटल गिरफ्तारी” के नाम पर लोगों को डराकर उनसे पैसे ठगने के मामले सामने आए हैं। अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए कार्रवाई का डर दिखाते हैं और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फोन या वीडियो कॉल के जरिए ऐसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है. ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क रहना और संबंधित अधिकारियों को सूचित करना जरूरी है।
बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें, तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य कर लें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके अलावा मुजफ्फरनगर साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 9454401617 या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर हेल्पडेस्क से भी मदद प्राप्त की जा सकती है।
साइबर हेल्पडेस्क सक्रिय होने से जनता का विश्वास बढ़ा
छपार थाने के साइबर हेल्पडेस्क की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि समय पर शिकायत दर्ज करने और त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराध के कारण खोए हुए पैसे की वसूली संभव है। पुलिस प्रशासन तकनीकी संसाधनों और विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऐसे मामलों में लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है.
जिले में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि नागरिक सुरक्षित रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।
थाना छपार पुलिस साइबर हेल्पडेस्क द्वारा सम्पूर्ण राशि 1,75,000 रूपये लौटाने की यह कार्यवाही साइबर अपराध के विरूद्ध पुलिस की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत सतर्क हो जाएं और समय रहते शिकायत दर्ज कराकर अपने पैसे और पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

