मुजफ्फरनगर के मोरना पहुंची युवा-किसान बचाओ यात्रा: कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला, किसानों की रीढ़ तोड़ने और युवाओं का भविष्य खतरे में डालने का लगाया आरोप
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा शुरुआत सहारनपुर से की गई नौजवान किसान बचाओ यात्रा मुजफ्फरनगर मोरना क्षेत्र के गांव ककराला पहुंचे तो स्थानीय राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां किसानों और युवाओं दोनों के हितों के खिलाफ हैं.
यात्रा का क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व वाहनों से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक सक्रियता साफ दिखी और सभा स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी.
यात्रा सहारनपुर से शुरू होकर गांव ककराला तक पहुंची।
यह यात्रा सहारनपुर से शुरू होकर कई गांवों से होते हुए मोरना क्षेत्र के गांव ककराला तक पहुंची। पूरे रास्ते कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया और सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों पर सवाल उठाए.
यात्रा का अगला पड़ाव ग्राम भेड़ाहेड़ी स्थित विजय फार्म हाउस था, जहां एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न गांवों के किसानों, युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई.
बैठक में किसानों की समस्याओं को मुख्य मुद्दा बनाया गया.
सभा को संबोधित करते हुए किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शीतल मान ने कहा कि सरकार ने अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता किया है, उसका भारतीय कृषि बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अगर विदेशी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोला गया तो इसका सीधा असर देश के छोटे और मझोले किसानों की आय पर पड़ेगा.
उन्होंने आशंका जताई कि इससे कृषि क्षेत्र का ढांचा कमजोर हो सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ सकता है. उन्होंने किसानों से संगठित होकर अपने हक के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
युवाओं के मुद्दे पर अग्निवीर योजना को चिंताजनक माना गया.
बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाते हुए अग्निवीर योजना पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के भविष्य को स्थिर दिशा देने के बजाय अस्थायी रोजगार की स्थिति पैदा करती है.
उन्होंने मांग की कि युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और ऐसी योजनाओं की समीक्षा की जाए जो युवाओं में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं।
सभी वर्गों की समस्याओं को उठाने का भरोसा
युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी विशाल चौधरी ने कहा कि यात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक संदेश देना नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को सामने लाना है. उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा और संगठन स्तर पर लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जायेगा.
धर्म और जाति की राजनीति पर भी जताई आपत्ति
सभा को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पारस शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए देश में सामाजिक समरसता कायम रखना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में राजनीतिक चर्चा का केंद्र विकास की बजाय धर्म और जाति आधारित मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि युवाओं और किसानों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता देने की जरूरत है ताकि समाज में संतुलन और स्थिरता कायम रह सके.
स्थानीय नेतृत्व ने क्षेत्रीय मुद्दे भी उठाए
कार्यक्रम में संयोजक मनोज चौधरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतपाल कटारिया, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव राठी, अवनीश काजला, डॉ. संजीव शर्मा और असजद अली ने भी सभा को संबोधित किया।
इन वक्ताओं ने किसानों की फसल की लागत, रोजगार के अवसर, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं के प्रवासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं के समाधान के बिना समग्र विकास संभव नहीं है.
कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर पहुंचे और एकजुटता दिखाई।
बैठक में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर पहुंचे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा को सक्रिय समर्थन मिलने का संकेत मिला।
कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया और क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक संदेश को मजबूत किया.
किसान और युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे भी अभियान जारी रहेगा
बैठक के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यापक जनसंवाद अभियान का हिस्सा है. इसके जरिए किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे लगातार उठाए जाएंगे।
नेताओं ने कहा कि गांव-गांव जाकर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा, ताकि आम लोगों की समस्याओं को सीधे मंच पर लाया जा सके.
क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक सक्रियता का केंद्र
यात्रा के मोरना पहुंचने के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आईं. विभिन्न गांवों के लोगों की भागीदारी ने संकेत दिया कि किसानों और युवाओं से संबंधित मुद्दे स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण राजनीतिक विषय बन गए हैं।
बैठक की अध्यक्षता अकील राणा ने की तथा कार्यक्रम का संचालन स्थानीय कार्यकर्ताओं के सहयोग से किया गया.
मोरना क्षेत्र में पहुंची नौजवान-किसान बचाओ यात्रा ने एक बार फिर किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने संकेत दिया कि रोजगार, कृषि नीति और सामाजिक संतुलन जैसे विषय आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
