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दादरी में अखिलेश यादव की बड़ी रैली, हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद

उत्तर प्रदेश समाचार: अखिलेश यादव आज दादरी के गौतमबुद्ध नगर में मेहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक वह सुबह करीब 11 बजे यहां पहुंचेंगे. इस रैली में हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद है. कार्यक्रम के लिए करीब 100 मीटर लंबा पंडाल तैयार किया गया है, जिससे साफ पता चलता है कि कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है.

प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे
रैली से पहले अखिलेश यादव गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद वह मंच से जनसभा को संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम को सिर्फ एक सभा के तौर पर ही नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. इस आयोजन के जरिए पार्टी अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है.

पश्चिमी यूपी में पकड़ मजबूत करने की कोशिश
इस रैली के जरिए समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की करीब 140 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देना चाहती है. पार्टी बीजेपी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर अपनी रणनीति सामने रखेगी. गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, संभल, शामली, बागपत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है।

नेताओं की अपील और पहले से की गई तैयारी
पूर्व मंत्री जावेद आब्दी, जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। गांव और बूथ स्तर पर लगातार बैठकें कर भीड़ जुटाने की तैयारी की गई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह रैली सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देगी.

मिहिर भोज विवाद स्थल से विशेष संदेश
यह रैली उसी जगह पर हो रही है जहां 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद हुआ था. उस समय शिलापट्ट पर “सम्राट मिहिर भोज” लिखे जाने पर गुर्जर समाज ने विरोध किया था। अब उसी जगह को चुनकर एसपी ने खास सियासी संदेश देने की कोशिश की है.

2027 चुनाव की तैयारियों का संकेत
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन किया था, जिसका असर पश्चिमी यूपी में तो दिखा, लेकिन नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में उसे ज्यादा सफलता नहीं मिली. 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बेहतर प्रदर्शन किया. पार्टी के मुताबिक यह रैली 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें जमीनी मुद्दों और सामाजिक समीकरणों पर खास ध्यान दिया जाएगा.

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