कौशांबी हादसा: मिट्टी का टीला ढहने से 3 की मौत, डीएम-एसपी ने अस्पताल पहुंचकर लिया घायलों का हाल

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में मिट्टी का टीला ढहने की दुखद घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
डीएम और एसपी ने अस्पताल पहुंचकर जायजा लिया
घटना की जानकारी मिलते ही डॉ. अमित पाल (जिलाधिकारी) और सत्य नारायण प्रजापत (पुलिस अधीक्षक) जिला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से घायलों की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने घायलों से बात कर उनका हालचाल जाना और अधिकारियों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
कैसे हुई घटना, जानिए पूरा मामला
यह हादसा 3 मई 2026 की सुबह थाना मंझनपुर क्षेत्र के ग्राम थाम्भा में हुआ था. यहां गांव की महिलाएं और बच्चे तालाब के पास घरेलू उपयोग के लिए मिट्टी खोद रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का टीला ढह गया और उसके नीचे तीन महिलाएं और दो बच्चे दब गये. घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई.
प्रशासन और ग्रामीण राहत कार्य में जुटे
सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. सभी घायलों को मिट्टी के नीचे से निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने गीता देवी (40), उत्तरा देवी (45) और अंकिता (8) को मृत घोषित कर दिया। घायल अमित (10) व जितिया (45) का इलाज चल रहा है.
पीड़ित परिवारों को सहयोग मिलेगा
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध करायेगा. परियोजना निदेशक के मुताबिक, गीता देवी को वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला था, जबकि उत्तरा देवी को लोहिया आवास मिला था. जितिया देवी को भी 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिला और सभी किश्तें मिल गई हैं।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सीएमएस को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है. प्रशासन का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
(रिपोर्ट: राम किशन, कौशांबी)
