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मुजफ्फरनगर जनगणना 2027: 7 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा – 6576 कर्मचारी होंगे तैनात

मुजफ्फरनगर में जनगणना 2027 इसको लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी पूरी कर ली है. कोरोना महामारी के कारण साल 2021 में स्थगित हुई जनगणना अब 2027 के नाम से नए प्रारूप और डिजिटल सिस्टम के साथ शुरू होने जा रही है. जिला प्रशासन ने इसे आधुनिक तकनीक के साथ अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

जिला अधिकारी उमेश मिश्रा पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण को पूरी तरह से डिजिटल रखा गया है, जिससे आम नागरिक भी अपना ब्योरा खुद दर्ज करा सकेंगे.


ऑनलाइन जनगणना: आप 7 मई से 21 मई तक विवरण स्वयं भर सकते हैं

मुजफ्फरनगर जनगणना 2027 के तहत पहला चरण 7 मई से 21 मई तक चलेगा। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर लॉग इन करके अपना विवरण स्वयं भर सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें.

इस डिजिटल सिस्टम की खास बात यह है कि अगर कोई व्यक्ति जानकारी भरने में कोई गलती करता है तो उसे बाद में इसे सुधारने का मौका मिलेगा। इससे डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।


डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगा: प्रशासन का आश्वासन

जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी जानकारी सही एवं सटीकता से दर्ज करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनगणना के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं के निर्माण में किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी प्रगणक नागरिकों से ओटीपी या व्यक्तिगत दस्तावेज की मांग नहीं करेगा। ऐसी किसी भी मांग को संदिग्ध मानकर तुरंत प्रशासन को सूचित करने की सलाह दी गई है।


दूसरा चरण: 22 मई से घर-घर जाकर घरों की गिनती की जाएगी.

पहले डिजिटल चरण के बाद दूसरा चरण 22 मई से 20 जून तक चलेगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर घरों की गिनती करेंगे। इस दौरान भवन स्वामियों से आवश्यक जानकारी ली जाएगी।

इस चरण का उद्देश्य आवासीय संरचना, सुविधाओं और परिवारों से संबंधित बुनियादी जानकारी एकत्र करना है, ताकि विकास योजनाएं बेहतर तरीके से तैयार की जा सकें।


6576 कर्मचारी तैनात, 6400 से ज्यादा अधिकारी फील्ड में सक्रिय

मुजफ्फरनगर जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर मानव संसाधन तैनात किये हैं. इस कार्य के लिए कुल 6576 कर्मचारी तैनात किये गये हैं, जिनमें से 6443 कर्मचारी एवं अधिकारी फील्ड में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।

प्रत्येक प्रगणक को करीब 180 घरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जा सके।


जिले को 14 सेक्टरों में बांटकर बनाई गई रणनीति

पूरे जिले को 14 प्रशासनिक क्षेत्रों में बांटा गया है, ताकि काम व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके. हर क्षेत्र में अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है और समन्वय के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी बनाई गई है.

इससे जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है.


34 सवालों के जरिए विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी

अपर जिला अधिकारी गजेंद्र कुमार बताया कि इस बार जनगणना के दौरान कुल 34 प्रश्न पूछे जायेंगे. ये सवाल सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक स्थिति से जुड़े होंगे.

इसके लिए सभी कर्मचारियों को तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि उन्हें नागरिकों से सही जानकारी मिल सके और प्रक्रिया में कोई त्रुटि न हो.


हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना

जनगणना प्रक्रिया को व्यापक एवं समावेशी बनाने के लिए इसमें समाज के विभिन्न वर्गों को शामिल किया गया है। इसमें सभी वर्ग जैसे जन प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी, संस्थान, पुलिस, अर्धसैनिक बल, वकील और न्यायिक अधिकारियों के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं।

मीडिया प्रतिनिधियों के लिए 9 मई की तिथि निर्धारित की गयी है, ताकि सूचना का प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार किया जा सके.


समस्या होने पर सीधे प्रशासन से संपर्क करने की अपील की

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि जनगणना से संबंधित कोई भी समस्या आती है तो वे सीधे जिला प्रशासन से संपर्क करें. जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की गई है।

इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


जनगणना नीतिगत योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार बनेगी

विशेषज्ञों के मुताबिक जनगणना सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। ये आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नीतियां बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इसलिए, नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सटीक और संपूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि भविष्य की योजनाएँ अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकें।


मुजफ्फरनगर में शुरू होने जा रही डिजिटल जनगणना 2027 प्रशासन और आम जनता के बीच एक नए सहयोग मॉडल का उदाहरण बन सकती है। प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अधिक विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया गया है। अब जिम्मेदारी नागरिकों की भी है कि वे सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

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