यूपी में कैबिनेट विस्तार से पहले महासंग्राम…बृजभूषण सिंह ने कविता से योगी सरकार पर साधा निशाना? बोले- जिस डाल पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. इस बीच बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट अचानक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक शायरी पोस्ट करते हुए इस पोस्ट के सामने आने के बाद यूपी की राजनीति में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं.
क्या कैबिनेट विस्तार से नाराज हैं बृजभूषण?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पोस्ट योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर नाराजगी का संकेत हो सकता है. माना जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने बेटे प्रतीक सिंह को कैबिनेट में जगह दिलाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि उन्होंने इस बारे में खुलकर कभी कोई बयान नहीं दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चाएं काफी समय से चल रही थीं. सूत्रों की मानें तो यह बात सामने आ रही है कि इस बार कैबिनेट विस्तार में जिन नामों की चर्चा चल रही है उनमें कोई भी ठाकुर चेहरा शामिल नहीं होगा. इस कारण उनकी पोस्ट को ठाकुर समुदाय की नाराजगी से भी जोड़ा जा रहा है.
*“शोहरत की बुलंदी भी
यह बस एक पल का नाटक है
जिस शाखा पर आप बैठे हैं
यह टूट भी सकता है”* – बृजभूषण शरण सिंह (@b_भूषणशरण) 10 मई 2026
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर बीजेपी का फोकस
बताया जा रहा है कि बीजेपी इस बार कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी का फोकस ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मिकी, लोधी और अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर है. सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में कुल आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं. इनमें छह नए चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि दो राज्य मंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह की इस पोस्ट को अब सिर्फ एक कविता नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है. हालांकि, इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. इस समय यूपी में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं और बृजभूषण का ये पोस्ट उस बहस को और हवा देता नजर आ रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सामाजिक समीकरण साधने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है.
अश्वनी तिवारी एक भारतीय पत्रकार, सामग्री लेखक, एंकर और मीडिया पेशेवर हैं। वह डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, सामग्री लेखन और समाचार उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने ज़ी न्यूज़, सुमन टीवी और यूपी न्यूज़ नेटवर्क जैसे मीडिया संगठनों के साथ काम किया है। उन्हें राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री प्राप्त की और बाद में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एमजेएमसी) पूरा किया। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक इंडिया वॉच, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर काम किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक जी न्यूज, नोएडा में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप की। इस दौरान वह न्यूज स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने सुमन टीवी, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में काम किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार और डिजिटल सामग्री बनाई। वर्तमान में यूपी न्यूज नेटवर्क में सब एडिटर के तौर पर जुड़े हुए हैं, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इस दौरान वह ‘खारी खोती’ नाम के एक खास शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग और वीडियो प्रेजेंटेशन किया. वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और समाचार उत्पादन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित समाचार प्रस्तुति में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है।
