गैस कनेक्शन कटने की बात कहकर बुजुर्ग महिला को डराया, ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने उड़ाए 21 लाख रुपये
देशभर में गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर चल रहे संकट और तरह-तरह की अफवाहों के बीच साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बना लिया. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाली 61 साल की महिला को गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर ठगों ने करीब 21 लाख रुपये ठग लिए। यह रकम उनके बैंक खाते से 11 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई। घटना सामने आने के बाद पीड़ित ने पुलिस और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
आईजीएल कर्मचारी बनकर कॉल किया
जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाले गुजीब कालरा के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को आईजीएल गैस कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने महिला से कहा कि उसके गैस कनेक्शन से संबंधित बिल बकाया है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो उसका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा. यह सुनकर बुजुर्ग महिला घबरा गई और फोन करने वाले व्यक्ति की बातों पर भरोसा कर लिया।
लिंक भेजकर बैंक की जानकारी प्राप्त की
आरोपी ने महिला को एक लिंक भेजा और कहा कि वह इस लिंक के जरिए तुरंत गैस बिल का भुगतान कर दे, ताकि उसका गैस कनेक्शन न काटा जाए। जैसे ही महिला ने उस लिंक को खोला तो उसके बैंक खाते से संबंधित जानकारी भरने का विकल्प सामने आ गया। महिला ने बिना ज्यादा सोचे-समझे लिंक में मांगी गई जानकारी भर दी। यह जानकारी भरते ही साइबर जालसाजों को उनके बैंक खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल गई। इसके बाद ठगों ने तुरंत अलग-अलग ट्रांजेक्शन करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में महिला के खाते से कुल 11 बार में करीब 21 लाख रुपये निकाल लिए गए.
बैंक मेसेज से धोखाधड़ी का पता चला
कुछ देर बाद महिला के मोबाइल फोन पर बैंक से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। लगातार पैसे निकलने के मैसेज देखकर उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क किया। पीड़िता ने साइबर क्राइम पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है. साइबर सेल थाना प्रभारी विजय राणा ने बताया कि 61 वर्षीय महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग हैं.
अश्वनी तिवारी यूपी न्यूज नेटवर्क में उप-संपादक हैं। वह राजनीति, अपराध, खेल, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। उन्हें मीडिया जगत में 2 साल का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ उन्हें वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। सुमनटीवी ने हैदराबाद (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ काम किया है और ZEE न्यूज़ और इंडिया वॉच जैसे प्रतिष्ठित समाचार संगठनों में इंटर्नशिप का अनुभव प्राप्त किया है। पिछले 1 वर्ष से वह यूपी न्यूज नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी से पढ़ाई कर चुके अश्विनी तिवारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं जो दर्शकों को तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, जमीनी मुद्दे और सटीक जानकारी प्रदान करती है। उनका जन्मस्थान वाराणसी है, जबकि अपने काम के दौरान उन्होंने कई शहरों में रहकर पत्रकारिता की है।
