शाकुंभरी देवी मंदिर में ‘गैर-हिंदुओं के प्रवेश’ वाले पोस्टर पर बढ़ा विवाद, नवरात्र मेले से पहले गरमाया माहौल

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध शाकुंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में इन दिनों एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यहां मंदिर परिसर और उससे जुड़ी सड़कों पर ‘गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है’ लिखे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं. ये पोस्टर मंदिर के मुख्य द्वार और आसपास की अन्य जगहों की ओर जाने वाली सड़कों पर लगाए गए हैं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय दे रहे हैं.
मेले को लेकर हिंदू संगठनों ने पोस्टर लगाए, मुनादी कराई
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मंदिर क्षेत्र में पहुंचे और बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर यह संदेश दिया. पोस्टरों में साफ लिखा था कि सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है. साथ ही यह भी कहा गया कि आगामी नवरात्र मेले के दौरान गैर हिंदू समुदाय के लोग यहां दुकानें नहीं लगाएंगे. अब इस कदम को लेकर लोगों के बीच चर्चा और विवाद दोनों बढ़ता जा रहा है.
मेले में केवल हिंदुओं को दुकान लगाने की इजाजत देने की मांग
हिंदू संगठनों का कहना है कि यह स्थान हिंदू धर्म में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जहां खासकर नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उनका मानना है कि धार्मिक परंपराओं और मर्यादा को बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी है. संगठनों ने यह भी कहा कि मेले के दौरान केवल हिंदू समुदाय के लोगों को ही दुकानें लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि धार्मिक माहौल बना रहे.
स्थानीय स्तर पर बढ़ी बहस, प्रशासन का इंतजार
इस पूरे मामले पर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोग इसे धार्मिक परंपरा से जोड़कर सही ठहरा रहे हैं तो कई लोगों का कहना है कि ऐसे पोस्टर से समाज में आपसी सौहार्द पर असर पड़ सकता है. गौरतलब है कि शाकुंभरी देवी मंदिर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के भक्तों के लिए एक बड़ा आस्था केंद्र है, जहां हर साल नवरात्रि के दौरान एक विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं और अस्थायी बाज़ार भी लगते हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
