17 मार्च से अयोध्या में शुरू होगा सुंदरकांड पाठ अभियान, गांव-गांव तक पहुंचेगा आयोजन.

रामनगरी अयोध्या में 17 मार्च से एक विशेष धार्मिक अभियान शुरू होने जा रहा है. इस अभियान के तहत शहर से लेकर गांव तक सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत सिद्धपीठ माने जाने वाले हनुमानगढ़ी मंदिर से होगी. इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना और भक्ति का माहौल बनाना है।
यह आयोजन भाजपा नेता के नेतृत्व में होगा
इस अभियान का नेतृत्व विनोद जयसवाल कर रहे हैं. उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लगातार आगे बढ़ाया जाएगा.
शहर से लेकर गांवों तक पहुंचेगा सुंदरकांड पाठ
अभियान की शुरुआत अयोध्या शहर से होगी और इसके बाद इसका विस्तार गांवों तक किया जाएगा. गांव के मंदिरों में सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ भी किया जाएगा। इस तरह पूरे इलाके में धार्मिक माहौल बनाने की योजना है, ताकि हर वर्ग के लोग इसमें शामिल हो सकें.
मुख्य उद्देश्य लोगों को जोड़ना है
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर गांव के लोगों को सुंदरकांड पाठ से जोड़ना है। आयोजकों का मानना है कि इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और लोग धार्मिक परंपराओं के करीब आएंगे। सामूहिक पाठ से एकता एवं भक्ति की भावना भी मजबूत होगी।
विश्व हिंदू परिषद ने कार्यक्रम की जानकारी दी
कार्यक्रम की जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने दी. राम की पैड़ी पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पूरे अभियान की रूपरेखा साझा की.
भगवान हनुमान को संकटमोचक बताया गया।
शरद शर्मा ने कहा कि भगवान हनुमान को संकटमोचक माना जाता है. उन्होंने कहा कि जब भी अयोध्या में कोई संकट आया है तो भगवान हनुमान ने उसे दूर करने का काम किया है. इसी विश्वास के साथ यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
