21 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर: चांद नहीं दिखने पर हुआ ऐलान, बाजारों में उमड़ी भारी भीड़-Eid Ul Fitr 2026 Date
ईद उल फितर 2026 तारीखई इस संबंध में मुजफ्फरनगर में आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. शहर काजी तनवीर आलम उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि शव्वाल का चांद नहीं दिखाजिसके कारण अब 21 मार्च 2026, शनिवार ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा.
इस घोषणा के बाद पूरे मुस्लिम समाज में खुशी और उत्साह का माहौल और भी बढ़ गया है. रमजान का पवित्र महीना खत्म होने के साथ ही ईद का इंतजार अब आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है.
चांद नहीं दिखने के बाद ये फैसला लिया गया
ईद उल फितर 2026 तारीख शहर काजी ने ऐलान करते हुए कहा 29 रमज़ान 1447 हिजरी (जुमेरात) चांद नजर नहीं आया. इस आधार पर इस्लामिक परंपरा के मुताबिक अगले दिन को रमजान का आखिरी रोजा माना जाएगा और उसके बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी.
यह फैसला धार्मिक परंपराओं और चांद दिखने की प्रक्रिया के तहत लिया गया है.
मुस्लिम समुदाय में जबरदस्त उत्साह
ईद उल फितर 2026 तारीख इस फैसले के आते ही मुजफ्फरनगर में सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है. लोग पूरी तरह से ईद की तैयारियों में जुटे हुए हैं.
हर घर में
यह जोरों से चल रहा है.
बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी
ईद के त्योहार को लेकर बाजारों में जबरदस्त रौनक है. कपड़े, जूते, इत्र, सेवई और मिठाई की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ जुट रही है.
ईद उल फितर 2026 तारीख इस कारण-
👉 बाजार देर रात तक खुले रहते हैं
👉 खरीदारी चरम पर है
👉दुकानदारों में भी दिख रहा है उत्साह
आपसी सौहार्द और भाईचारे का त्योहार
ईद-उल-फितर सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि… आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा का संदेश देने वाला पर्व है।
इस दिन लोग
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एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी
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जरूरतमंदों की मदद करें
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समाज में खुशियाँ बाँटें
ईद की तैयारियां अंतिम चरण में
ईद उल फितर 2026 तारीख तारीख नजदीक आते ही तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। लोग अपने घरों में मेहमानों के स्वागत की तैयारी में लगे हुए हैं।
त्योहार से पहले बढ़ी रौनक और खुशियां
मुजफ्फरनगर में ईद का माहौल साफ नजर आ रहा है. हर गली और बाजार में जश्न का रंग दिख रहा है.
21 मार्च को मनाई जाने वाली ईद-उल-फितर को लेकर पूरे मुजफ्फरनगर में उत्साह और उमंग का माहौल है। चांद नहीं दिखने के बाद हुई आधिकारिक घोषणा के बाद लोग अब पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार की तैयारी में जुट गए हैं। उम्मीद है कि यह त्योहार आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया जायेगा और समाज में खुशहाली का संदेश देगा.
