लखनऊ में योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: गेहूं का एमएसपी बढ़ा, 35 प्रस्तावों को मंजूरी, विकास परियोजनाओं को मिली गति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ के लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिये गये. इस बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसका सीधा असर किसानों, शहरी विकास और औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर पड़ेगा। खास बात यह है कि सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है. इसके अलावा, राज्य में गेहूं खरीद की विस्तृत व्यवस्था, बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नई योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।
किसानों को राहत, गेहूं का एमएसपी ₹160 बढ़ाया गया
कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं के एमएसपी में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई. यह बढ़ोतरी पिछले साल की तुलना में की गई है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे. सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
गेहूं खरीद की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होगी
प्रदेश में गेहूं खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी. इस दौरान 75 जिलों में करीब 6500 क्रय केंद्र संचालित किये जायेंगे. खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए 8 एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें एफसीआई और मंडी परिषद प्रमुख हैं। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है.
लखनऊ में बनेगा इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर
राजधानी लखनऊ में 1435 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर बनाने की मंजूरी मिल गई है. इस सेंटर में एक आधुनिक कन्वेंशन हॉल भी होगा, जिसमें करीब 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. इससे राज्य में बड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा होगी।
संभल और ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक परियोजनाओं को बढ़ावा देना
कैबिनेट ने संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स सेंटर और ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस के निर्माण के टेंडर को भी मंजूरी दे दी है. यूपी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी 2024 को आगे बढ़ाने के लिए ये फैसले अहम माने जा रहे हैं.
“नवयुग पालिका योजना” को मिली मंजूरी
सरकार ने “नवयुग पालिका योजना” को भी हरी झंडी दे दी है। यह योजना राज्य के 58 जिला मुख्यालयों में लागू की जायेगी. हालांकि, 17 नगर निगमों को इससे बाहर रखा गया है. इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बेहतर सुविधाओं और विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।
(रिपोर्ट: संदीप शुक्ला, लखनऊ)
