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मुज़फ्फरनगर समाचार: इंडियन पोटाश लिमिटेड रोहाना कलां की पहल- गन्ना किसानों को बांटे गए 1500 लाइट ट्रैप, कीट नियंत्रण पर विशेष बैठक

मुजफ्फरनगर रोहाना कलां स्थित इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल पीएमकेएस) चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में बढ़ती कीट और बीमारियों की समस्या और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस पहल का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराकर फसल उत्पादन को सुरक्षित और बेहतर बनाना था।

बैठक में जिला गन्ना अधिकारी, इकाई प्रमुख, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, विभागाध्यक्ष, अपर प्रबंधक व सहायक प्रबंधक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। 🌾


टॉप बोरर, थ्रिप्स और ब्लैक चिट्टा जैसे कीटों पर विशेष जानकारी दी गई

बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की फसल में तेजी से फैल रहे प्रमुख कीट रोगों जैसे टॉप बोरर, थ्रिप्स और ब्लैक स्पॉट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि समय रहते इनकी पहचान करना और नियंत्रण के सही उपाय अपनाना बहुत जरूरी है।

विशेषज्ञों ने बताया कि अगर शुरुआती चरण में इन कीटों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।


1500 लाइट ट्रैप का निःशुल्क वितरण, किसानों को बड़ी राहत

बैठक के दौरान इंडियन पोटाश लिमिटेड ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए टॉप बोरर नियंत्रण हेतु 1500 लाइट ट्रैप निःशुल्क वितरित किये। ये उपकरण कीटों को आकर्षित कर उन्हें नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि लाइट ट्रैप के इस्तेमाल से रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण अनुकूल तरीके से कीट नियंत्रण संभव हो सकेगा.


वैज्ञानिक तकनीक अपनाने पर दिया जोर

विशेषज्ञों ने किसानों से पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की अपील की। समय पर निरीक्षण, संतुलित उर्वरक प्रयोग तथा कीट नियंत्रण के वैज्ञानिक उपाय अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई दिशा दी जा सकती है।


फसल की गुणवत्ता में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

बैठक में अधिकारियों ने किसानों से यह भी कहा कि फसल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी बहुत जरूरी है. यदि किसान समूह बनाकर सामूहिक रूप से कीट नियंत्रण के उपाय अपनाएँ तो परिणाम अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।


किसानों को समय पर पहचान एवं प्रबंधन के लिए जागरूक किया गया

कार्यक्रम के दौरान किसानों को संदेश दिया गया कि समय पर कीट एवं रोगों की पहचान एवं उचित प्रबंधन ही अच्छी पैदावार की कुंजी है। नई तकनीकों का प्रयोग और वैज्ञानिक सलाह का पालन करके फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है।

अधिकारियों ने किसानों को नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करने और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों से संपर्क बनाए रखने की भी सलाह दी।


क्षेत्रीय स्तर पर कृषि जागरूकता कार्यक्रमों की बढ़ती भूमिका

ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इंडियन पोटाश लिमिटेड की इस पहल को क्षेत्रीय स्तर पर गन्ना उत्पादन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऐसी जागरूकता बैठकों से किसानों को समय पर सही जानकारी मिलती है और वे अपनी फसलों को नुकसान से बचाने में सफल होते हैं.


रोहाना कलां क्षेत्र में आयोजित इस किसान गोष्ठी एवं 1500 लाइट ट्रैप वितरण अभियान को गन्ना उत्पादन को सुरक्षित एवं बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता में सकारात्मक सुधार के साथ-साथ कीट नियंत्रण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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