मुज़फ्फरनगर समाचार: भारत विकास परिषद ‘अमेती’ ने गौशाला में भक्ति भाव से आयोजित कार्यक्रम में गौ सेवा के माध्यम से संस्कृति और सेवा का संदेश दिया।
मुजफ्फरनगर सनातन संस्कृति, सेवा एवं सामाजिक दायित्व की भावना को आगे बढ़ाते हुए भारत विकास परिषद ‘अमेती’ शाखा द्वारा गौ-सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सत्र 2026-27 के सेवा प्रकल्प के तहत आयोजित यह कार्यक्रम नई मंडी स्थित गौशाला में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समर्पण के माहौल के बीच आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं अतिथियों ने गौमाता का पूजन कर भारतीय संस्कृति की उस भावना को पुनर्जीवित किया जिसमें गौसेवा को सदाचार एवं मानवता की सेवा से जोड़ा गया है।
गौ सेवा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शाखा विस्तार के प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी का दायित्व निभा रहे निष्काम गर्ग एवं श्रीमती राधा गर्ग ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में सदियों से गौ सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं। भारत विकास परिषद ‘अमेती’ द्वारा गौ सेवा को स्थाई प्रकल्प के रूप में अपनाना समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम है।
निष्काम गर्ग ने कहा कि सेवा कार्य सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी बनता है।
गौशाला में भक्ति और सेवा का अनोखा माहौल
कार्यक्रम के दौरान परिषद सदस्यों एवं अतिथियों ने गौ माता की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद गायों को हरा चारा, चोकर व गुड़ खिलाकर सेवा कार्य किया गया।
पूरे आयोजन में श्रद्धा और अध्यात्म का विशेष माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने गौ सेवा को न केवल धार्मिक परंपरा बल्कि सामाजिक दायित्व भी बताया.
समाज सेवा एवं मूल्यों के समन्वय का संदेश
कार्यक्रम में परिषद के सदस्यों ने कहा कि भारत विकास परिषद का उद्देश्य केवल सामाजिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज में भारतीय संस्कृति, सेवा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना भी है।
परिषद से जुड़े सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक समय में ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इन सदस्यों एवं अतिथियों की रही विशेष उपस्थिति
इस मौके पर परिषद के कई अधिकारी व सदस्य मौजूद थे. कार्यक्रम में सचिन सिंघल, अंशुल गोयल (अध्यक्ष), निकुंज गर्ग (शाखा कोषाध्यक्ष), नितिन गुप्ता (गौ सेवा अध्यक्ष), अकुल अग्रवाल (जिला समन्वयक), संवित जैन, अंकित बंसल, शलभ गर्ग और अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में महिला प्रतिभागियों के रूप में श्रीमती ज्योति बंसल (महिला समन्वयक), श्रीमती पारुल सिंघल एवं श्रीमती शिप्रा गोयल भी उपस्थित रहीं।
शादी की 25वीं सालगिरह पर खास पल बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक और पारिवारिक सौहार्द का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिला. कार्यक्रम संयोजक सचिन सिंघल एवं श्रीमती पारुल सिंघल की 25वीं शादी की सालगिरह के अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और केक काटकर इस खास मौके को यादगार बनाया।
उपस्थित सदस्यों ने दोनों को बधाई देते हुए उनके दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की. यह पल कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा.
गौ सेवा को समाज के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ा गया
गौ-सेवा अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी परिषद द्वारा इसी प्रकार के सेवा कार्यक्रम निरंतर आयोजित किये जायेंगे तथा समाज कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जायेगी।
गोरक्षा एवं सेवा का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर परिषद के सदस्यों एवं उपस्थित लोगों ने गौमाता की रक्षा एवं सेवा का संकल्प लिया। टीम एमिटी 2026-27 के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने समाज में सेवा और मूल्य आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उपस्थित लोगों ने कहा कि गौ सेवा जैसे आयोजन समाज में करुणा, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।
सामाजिक संगठनों की सक्रियता से सेवा की भावना मजबूत हो रही है।
मुजफ्फरनगर में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा लगातार सेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। भारत विकास परिषद ‘अमेती’ के इस आयोजन को भी उसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें समाज सेवा और भारतीय परंपराओं को एक साथ लेकर चलने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं.
